फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   harak singh rawat write letter to ex army man

उत्तराखंडः यह प्रत्याशी हर फौजी को भेज रहा पत्र

Sat, 26 Apr 2014 10:20 AM IST
अरुणेश पठानिया/अमर उजाला, देहरादून
अरुणेश पठानिया/अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 26 Apr 2014 10:20 AM IST
विज्ञापन
harak singh rawat write letter to ex army man

उत्तराखंड के पौड़ी संसदीय सीट पर प्रत्याशियों का भाग्य काफी हद तक पूर्व और कार्यरत सैनिक के वोट पर है। भाजपा प्रत्याशी जनरल खंडूड़ी की फौजियों में खासी पैठ को देखते हुए कांग्रेस प्रत्याशी हरक सिंह ने प्रचार का एक पुराना चुनावी हथकंड़ा अपनाया है।

विज्ञापन


हरक हर फौजी के घर चिट्ठी भेज रहे हैं। खुद को सिपाही का बेटा बता उनमें से एक होने की बात लिखी है। खुद को पूर्व सैनिकों को बड़ा हितैषी साबित करते हुए उन्होंने बतौर सैनिक कल्याण मंत्री शुरू की सैनिक कल्याण योजनाओं की तुलना जनरल खडूंड़ी के बतौर मुख्यमंत्री कार्यकाल से की है।

विज्ञापन

चार लाख से अधिक वोट

harak singh rawat write letter to ex army man

पौड़ी सीट पर पूर्व एवं कार्यरत सैनिकों, अर्द्धसैनिक बलों और उनके आश्रितों के चार लाख से अधिक वोट हैं। भाजपा प्रत्याशी बीसी खंडूड़ी रिटायर जनरल हैं, जिससे फौजियों में उनका जुड़ाव होना स्वभाविक है। जो हरक सिंह की चिंता का बड़ा कारण है।

हरक अच्छे से जानते हैं कि फौजी वोटों के बिना उनकी नैया पार नहीं हो सकती। हरक ने प्रचार में दो जनरलों को साथ लिया तो भाजपा ने करारा जवाब देते हुए एक दर्जन रिटायर लेफ्टिनेंट जनरल और मेजर जनरलों को खड़ा कर दिया।

अब हरक ने नया पैंतरा खेला है जिसमें वह फौजी के घर चिट्ठी भेज रहे हैं। चार पेज की चिट्ठी में हरक यह साबित करते दिखे हैं कि वह जनरल खंडूड़ी से बेहतर कैसे हैं।

क्या है हरक के पत्र में?

harak singh rawat write letter to ex army man
हरक ने अपने पत्र में लिखा है कि कैसे उन्होंने भाजपा के कार्यकाल में सैन्य विधवाओं को मिलने वाली गृहकर छूट सभी पूर्व सैनिकों के लिए लागू की।


स्टांप ड्यूटी में राहत, आवासीय सहायता एक लाख रुपये से दो लाख रुपये, हर शहीद सैनिक को 10 लाख का अनुग्रह अनुदान, सैन्य विधवाओं को पुत्री विवाह अनुदान 30 हजार से बढ़ाकर 70 हजार रु, सैनिक विधवाओं का पुनर्विवाह अनुदान 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपये, देश में वीरता पदकों पर सर्वाधिक सम्मान राशी, अर्द्धसैनिकों को पूर्व सैनिकों की भांति कल्याण योजनाओं में हिस्सेदारी के साथ यूपीए का वन रैंक वन पेंशन का तोहफा।

विज्ञापन

खंडूड़ी सरकार की मुख्य उपलब्धियां

harak singh rawat write letter to ex army man

अलग सैनिक कल्याण विभाग का गठन कर नोडल अधिकारियों और ब्लाक प्रतिनिधियों की तैनाती की गई। पूर्व सैनिकों की समस्याएं सुनने के लिए पहली बार टोल फ्री टेलीफोन सुविधा।

राज्य में 26 जुलाई कारगिल युद्ध की याद में शौर्य दिवस और 16 दिसंबर को विजय दिवस मनाने का फैसला लिया। पहला राज्य जहां वीरता पदकों पर सर्वाधिक सम्मान राशि दी गई।

गृहकर और स्टांप में छूट देने की पहल भी भाजपा ने की। दूर दराज इलाके में भर्ती पूर्व प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना के साथ ईको टास्क फोर्स की चार नई कंपनियों का गठन किया गया। इस दौरान सीएसडी कैंटीन में दो पहिया और चौपहिया वाहनों को वैट मुक्त किया गया।

पौड़ी लोकसभा क्षेत्र में सैन्य मत
- पूर्व सैनिक की संख्या 38 हजार
- कार्यरत सैनिकों की संख्या 30789
- सैन्य विधवाओं की संख्या 11 हजार
- अर्द्धसैनिक बलों से कार्यरत और रिटायर 25 हजार

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed