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Dehradun News: मूर्छित लक्ष्मण के उपचार के लिए संजीवनी बूटी लाए हनुमान
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सरस्वती कला मंच की ओर से विकासनगर में चल रही रामलीला में लक्ष्मण और मेघनाद युद्ध का शानदार मंचन किया गया। लक्ष्मण के मूर्छित होने पर हनुमानजी ने संजीवनी बूटी लाकर उनकी प्राण बचाई।
रामलीला के प्रथम दृश्य में हनुमान वापसी करते हैं और प्रभु राम से बताते हैं कि सीता माता ने एक माह का समय दिया है। उन्होंने कहा कि अगर, प्रभु मुझे यहां से ना ले गए तो मैं जीवित नहीं बच पाऊंगी। अब राम कहते हैं कि अगर मैं राम हूं तो रावण जान ले तू कुछ समय का मेहमान है। अंगद लंका में जाकर रावण को समझाते हैं, लेकिन वह नहीं मानता तब युवराज अंगद युद्ध का ऐलान कर डालते हैं। रावण की तरफ से सर्वप्रथम मेघनाद युद्ध के लिए आता है और ब्रह्म शक्ति से लक्ष्मण को मूर्छित कर देता है। इस दौरान श्रीराम का रो-रोकर बुरा हाल हो जाता है। इस बीच विभीषण बताते हैं कि लंका में एक वैदराज रहते हैं। जिनका नाम सेन है। आप उन्हें बुलवा लीजिए वह लक्ष्मण का उपचार कर सकते हैं। वैदराज को बुलाया जाता है और वह लक्ष्मण के उपचार के लिए संजीवनी बूटी लाने का सुझाव देते हैं। इसके बाद हनुमानजी संजीवनी बूटी के लिए तुरंत हिमालय पर्वत की ओर चल देते हैं। वह पूरा पहाड़ उठाकर ले आते हैं। इस प्रकार से लक्ष्मण का प्राण बच जाता है।
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रामलीला के प्रथम दृश्य में हनुमान वापसी करते हैं और प्रभु राम से बताते हैं कि सीता माता ने एक माह का समय दिया है। उन्होंने कहा कि अगर, प्रभु मुझे यहां से ना ले गए तो मैं जीवित नहीं बच पाऊंगी। अब राम कहते हैं कि अगर मैं राम हूं तो रावण जान ले तू कुछ समय का मेहमान है। अंगद लंका में जाकर रावण को समझाते हैं, लेकिन वह नहीं मानता तब युवराज अंगद युद्ध का ऐलान कर डालते हैं। रावण की तरफ से सर्वप्रथम मेघनाद युद्ध के लिए आता है और ब्रह्म शक्ति से लक्ष्मण को मूर्छित कर देता है। इस दौरान श्रीराम का रो-रोकर बुरा हाल हो जाता है। इस बीच विभीषण बताते हैं कि लंका में एक वैदराज रहते हैं। जिनका नाम सेन है। आप उन्हें बुलवा लीजिए वह लक्ष्मण का उपचार कर सकते हैं। वैदराज को बुलाया जाता है और वह लक्ष्मण के उपचार के लिए संजीवनी बूटी लाने का सुझाव देते हैं। इसके बाद हनुमानजी संजीवनी बूटी के लिए तुरंत हिमालय पर्वत की ओर चल देते हैं। वह पूरा पहाड़ उठाकर ले आते हैं। इस प्रकार से लक्ष्मण का प्राण बच जाता है।
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