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हल्द्वानी: घर के बाहर खेल रहे चार साल के मासूम की नहर में गिरने से मौत, घर का था इकलौता चिराग

Sun, 20 Sep 2020 10:11 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी Published by: अलका त्यागी Updated Sun, 20 Sep 2020 10:11 PM IST
सार

  • तीन घंटे बाद घर से चार किमी दूर झाड़ियों में फंसा मिला शव
  • क्षतिग्रस्त नहर बनी हादसे की वजह, लोगों में गुस्सा 

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Haldwani: Four Year Old Boy child Falls into canal and died
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

हल्द्वानी में घर के आगे टूटी नहर की दीवार के चलते पश्चिमी खेड़ा गोविंद गांव में ललित आर्य का चार साल का बेटा सागर नहर में गिर गया। उसका शव घर से करीब चार किमी दूर बाघजाला पनचक्की में नहर में मिला। नहर को बंद कराने के बाद शव को बाहर निकाला गया। ग्रामीणों का आरोप है कि नहर की दीवार को बनाने की मांग को हमेशा अनसुना किया गया है।

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सागर रविवार की सुबह करीब दस बजे घर के बार खेल रहा था। काफी देर तक वह दिखाई नहीं दिया। उस वक्त उसकी मां हंसा मजदूरी करने के लिए गई थी। मासूम के लापता होने पर परिजनों ने गांव के लोगों के साथ तलाश शुरू की। करीब चार किमी दूर बाघजाला पनचक्की के पास नहर में झाड़ियों के अटका मिला।
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इससे कोहराम मच गया। ग्रामीणों की सूचना पर गौला बैराज से निकलने वाली नहर का पानी  बंद कराया गया। दोपहर करीब एक बजे छह फीट गहरी नहर में फंसे शव बाहर निकाला गया। काठगोदाम थानाध्यक्ष नंदन सिंह रावत का कहना है कि इस बारे में ग्रामीणों ने सूचना नहीं दी थी। 

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साइकिल खरीदने की जिद कर रहा था 

ललित आर्या की पत्नी हंसा ने बताया कि वह सुबह काम पर गई थी। सोमवार को उसे मजदूरी का पैसा मिलने वाला था। सागर साइकिल खरीदने की जिद कर रहा था। उसे भरोसा दिलाया था कि साइकिल खरीद लेंगे। ललित आर्या की तीन संतानों में सागर इकलौता बेटा था।  

नहर मरम्मत की कोई सुध नहीं ले रहा
पूर्व बीडीसी सदस्य अर्जुन सिंह बिष्ट का कहना है कि वह पांच साल से नहर मरम्मत के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के पास शिकायत लेकर जाते हैं तो वे बजट न होने की बात कहते हैं। खेड़ा की प्रधान लीला बिष्ट ने बताया कि उन्होंने भी नहर की मरम्मत का मुद्दा उठाया था। लेकिन कुछ नहीं हुआ।
 
डेढ़ साल में जा चुकी हैं तीन जानें
इस नहर में डूबने से डेढ़ साल के अंदर तीन मासूम बच्चों की जान गई है। 

गौलापार में कई स्थानों पर नहरें क्षतिग्रस्त हैं। इन नहरों को रात में चलने वाले चोरी के खनन वाहनों द्वारा तोड़ा जाता है। जब-जब नहर की मरम्मत की जाती है, अवैध और खनन चोरी में लगे वाहन इन्हें तोड़ देते हैं। विभाग को मरम्मत मद में इतना पैसा नहीं मिलता है कि पूरी नहरों का पुनर्निर्माण किया जाए। नहर को वाहनों से तोड़े जाने की शिकायत भी कई बार प्रशासन को की गई है। 
- आनंद सिंह नेगी, सहायक अभियंता सिंचाई विभाग।

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