कार्बेट नेशनयल पार्क की ऑनलाइन बुकिंग पर 'हैकर्स अटैक', इस तरह से विभाग को लगा रहे चपत
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हैकर्स ने कार्बेट नेशनयल पार्क की आनलाइन बुकिंग में सेंध लगा दी है। हैकर्स सुनियोजित तरीके से कार्बेट पार्क में नाइट स्टे और विजिट की बुकिंग कर रहे हैं, इससे कई-कई दिनों तक सामान्य लोगों का नंबर नहीं आ पा रहा है।
वन विभाग ने शासन को रिपोर्ट सौंपकर इन्फार्मेशन टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट एजेंसी (आईटीडीए) के अधिकारियों से मदद मांगी है। देश-दुनिया से हर साल करीब तीन लाख सैलानी कार्बेट पार्क पहुंचते हैं। यह पर्यटक सुगमता से बुकिंग करा सकें, इसके लिए आनलाइन बुकिंग सिस्टम शुरू किया गया है।
विभाग को अंदेशा है कि उसकी आनलाइन बुकिंग में कुछ लोगों ने सेंध लगा दिया है। वह बुकिंग खुलने से कुछ समय के अंदर कार्बेट पार्क में स्थित सभी रेस्ट हाउस की नाइट स्टे, डे विजिट की बुकिंग छद्म नामों से कर देते हैं।
बाद में इसे मनचाहे दामों पर पर्यटकों को बेचा जाता है। यह शिकायत लंबे समय से बनी हुई थी। अब वन विभाग ने मान लिया है कि उसकी आनलाइन बुकिंग में हैकर्स ने सेंध लगा दी है और वह इसका दुरुपयोग कर रहे हैं।
इस मामले में वन विभाग ने रिपोर्ट तैयार करमुख्य सचिव को सौंप दिया है। इसके अलावा वन विभाग की आईटीडीए के अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक भी हुई है, इसमें मौजूदा हालात की विस्तार से जानकारी दी गई है। प्रमुख वन संरक्षक डीबीएस खाती के अनुसार बुकिंग को लेकर जो समस्या आ रही थी, उसे शासन को अवगत कराने के अलावा सहायता मांगी गई हैै।
जो जानकारी सामने आई है, उसके हिसाब से कार्बेट पार्क की 60 प्रतिशत तक ऑनलाइन बुकिंग एक ही आईपी ऐड्रेस हो रही है। कुछ और भी इनपुट मिले हैं। प्रथम दृष्टयता लगता है कि कुछ लोग इसका दुरुपयोग कर रहे हैं। इस मामले में वन विभाग ने मदद मांगी है। विभाग उन्हें तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहा है।
-अमित सिन्हा, आईटीडीए निदेशक व डीआईजी