गुरु पूर्णिमा स्नान: रुड़की बॉर्डर पर लगी वाहनों की कतार, नियम हुए तार-तार, पुलिस के छूटे पसीने
हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों से आने वाले लोगों को 72 घंटे की आरटीपीसीआर निगेटिव जांच लाने पर ही प्रवेश की अनुमति थी, जबकि बॉर्डर पर कोरोना जांच चल रही है।
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गुरु पूर्णिमा स्नान और वीकेंड के चलते नारसन बॉर्डर पर बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बॉर्डर पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। इस दौरान अव्यवस्थाओं का बोलबाला रहा और रजिस्ट्रेशन व कोरोना जांच केंद्रों पर नियमों का पालन नहीं हुआ। लोग बिना शारीरिक दूरी नियम के केंद्रों पर लाइन में खड़े रहे। इतना ही नहीं, कई लोग बिना मास्क के खड़े दिखाई दिए। वहीं, भीड़ को देखते हुए बॉर्डर पर लगी पुलिस के पसीने छूट गए। देर शाम तक बॉर्डर पर आने-जाने वालों की भीड़ लगी रही।
हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों से आने वाले लोगों को 72 घंटे की आरटीपीसीआर निगेटिव जांच लाने पर ही प्रवेश की अनुमति थी, जबकि बॉर्डर पर कोरोना जांच चल रही है। शनिवार को गुरु पूर्णिमा स्नान और वीकेंड को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन सुबह से ही बॉर्डर पर हरिद्वार आने वाले बाहरी राज्यों के लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
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भीड़ को देखते हुए पुलिस के पसीने छूट गए। बॉर्डर पर वाहनों की पुरकाजी तक लंबी लाइन लग गई। लोग काफी देर तक अपनी बारी का इंतजार करते रहे। वहीं, बॉर्डर पर बनाए गए रजिस्ट्रेशन और कोरोना जांच केंद्रों पर अव्यवस्थाओं का बोलबाला रहा। यहां शारीरिक दूरी नियम का कहीं पालन नहीं दिखा और कई लोग बिना मास्क के नजर आए। इस बीच पुलिस ने सख्ती दिखाई, लेेकिन भीड़ के आगे सारे इंतजाम धरे के धरे रह गए। बॉर्डर पर सुबह से लेकर शाम तक वाहनों की कतार लगी रही।
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बसों में नहीं हो रहा नियमों का पालन
बॉर्डर पर सरकारी और निजी बसों में कोविड नियम का पालन नहीं किया जा रहा है। सरकारी बसों में सवार यात्रियों को बिना जांच रिपोर्ट देखे ही प्रवेश दिया जा रहा है। निजी बसों में सवार यात्रियों की भी कोई जांच नहीं हो रही है। निजी बसें भरकर चल रही हैं। बॉर्डर पर तैनात पुलिस भी इन पर कोई सख्ती नहीं दिखा रही है। ऐसे में कोरोना का खतरा मंडरा रहा है।
स्थानीय लोगों को रोकने पर भड़की भाकियू
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिलाध्यक्ष विजय शास्त्री का कहना है कि नारसन बॉर्डर से प्राइवेट बसें बेरोकटोक जिले में प्रवेश कर रही हैं। बसों में कोरोना नियमों की अनदेखी की जा रही है। बावजूद इसके पुलिस निजी बसों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस बॉर्डर पर स्थानीय लोगों को रोक रही है, जिससे आए दिन विवाद की स्थिति बन रही है।
बॉर्डर सील, वापस लौटाए सैकड़ों वाहन
खानपुर में पुलिस ने शनिवार से यूपी की सीमा से सटे क्षेत्र के सभी बॉर्डरों को सील कर दिया। पुलिस ने दिनभर सैकड़ों वाहनों को बॉर्डर से वापस कर दिया। कांवड़ मेले पर रोक लगने के बाद पुलिस ने क्षेत्र के बॉर्डर पर रात से कड़ा पहरा लगा दिया था। प्रदेश में आने वाले वाहनों की सुबह से ही बॉर्डर पर कतार लग गई थी।
खानपुर एसओ अभिनव शर्मा ने बताया कि क्षेत्र के खानपुर पुरकाजी बॉर्डर, सिकंदरपुर पुरकाजी बॉर्डर, दल्लावाला मोरना बॉर्डर और बालावाली मंडावर बॉर्डर पर कड़ा पहरा लगाया गया है ताकि कोई भी कांवड़ लेने के लिए हरिद्वार न आए। उन्होंने बताया कि बॉर्डर से ही वाहनों को लौटाया जा रहा है। जरूरी पास और मेडिकल सेवाओं के लिए प्रवेश दिया जा रहा है।
बॉर्डर पर बढ़ी सुरक्षा, बिना जांच के प्रवेश नहीं
भगवानपुर क्षेत्र में बॉर्डर पर पुलिस की ओर से सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस बॉर्डर पर वाहनों की गहनता से चेकिंग कर रही है। साथ ही 72 घंटे की नेगेटिव कोरोना आरटीपीसीआर के बिना किसी को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। शनिवार की सुबह से ही मंडावर और काली नदी चेकपोस्ट पर बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों की कतार लग गई। इस पर पुलिस ने सभी वाहनों में लोगों की कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट देखी। कोरोना जांच रिपोर्ट नहीं होने पर बॉर्डर से ही वापस लौटा दिया गया।