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नॉन स्टॉप लैक्चर से प्रोफेसर बनाएंगे वर्ल्ड रिकॉर्ड

Sun, 02 Mar 2014 12:25 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 02 Mar 2014 12:25 PM IST
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guinness book of world record in graphic era university

शनिवार सुबह घड़ी के छह बजने का इशारा करने के साथ ही ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय में नया वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम करने की भी शुरुआत हो गई।

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पूरे लेक्चर पर लाइव निगाहें
विवि के असिस्टेंट प्रोफेसर अरविंद मिश्रा ने हाथों में मार्कर लिए, किताबें थामीं और शुरू कर दिया छह दिन, पांच रात तक लगातार चलने वाला मैराथन लेक्चर।

छह मार्च को मिश्रा बोलना थामेंगे, तो 121 घंटे का मौजूदा रिकॉर्ड टूट चुका होगा। विवि प्रशासन का दावा है कि गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के प्रतिनिधि वेबसाइट पर लेक्चर हॉल में लगे कैमरों के जरिये पूरे लेक्चर पर लाइव निगाहें रखेंगे।

शनिवार सुबह विवि के प्रति कुलपति प्रो. एके अवस्थी ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर मिश्रा के मैराथन लेक्चर का श्रीगणेश किया। बताया कि मिश्रा ने इस लेक्चर के लिए महीनों तक कड़ा अभ्यास किया है।
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शिक्षक और छात्र भी रहेंगे मौजूद
कुछ दिन पूर्व उन्होंने बिना सोये लगातार पांच दिन तक पढ़ाने का प्रदर्शन भी विवि परिसर में किया था। छह दिन, पांच रात तक चलने वाले उनके मैराथन लेक्चर के दौरान हाल में विवि के शिक्षक और छात्र भी मौजूद रहेंगे।
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लेक्चर की शुरुआत से पहले मिश्रा ने बताया कि वह इस अवधि में समीकरणों, सिद्धांतों और डायग्रामों की मदद से वैज्ञानिक संगणना विषय पर लेक्चर देने वाले हैं।

121 घंटे तक लगातार लेक्चर का रिकॉर्ड
बताया कि अभी 121 घंटे तक लगातार लेक्चर का रिकॉर्ड पोलैंड के इरॉल मुझावाझी के नाम है। उनकी योजना 130 घंटे तक पढ़ाने की है।

मिश्रा ने कहा कि छह मार्च की सुबह सात बजे 121 घंटे का रिकॉर्ड टूट जाएगा, लेकिन वह शाम चार बजे तक अपना लेक्चर जारी रखेंगे। खबर लिखे जाने तक तक मिश्रा का लेक्चर जारी था। इसे 12 घंटे से अधिक समय हो चुका था।


प्रो. मिश्रा युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा बने हैं। आज के युवाओं को भी इस तरह की चुनौतियां स्वीकारने के लिए आगे आना चाहिए। प्रो. मिश्रा का लेक्चर कैमरे पर लगातार रिकॉर्ड किया जा रहा है। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के पदाधिकारियों के पास वेबसाइट के जरिये इसकी सूचना उपलब्ध है। वे भी लगातार नजर रखेंगे।
- कमल घनशाला, चेयरमैन, ग्राफिर एरा विवि

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