गार्ड के साहस के आगे पस्त हुए तेंदुआ, हमले के बाद इस तरह से उलटे पैर भागा
- बीटीकेआईटी में गार्ड पद पर तैनात है खीमानंद उपाध्याय
- सुबह साढ़े छह बजे की घटना, हाथों में नाखून गड़ाए
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उत्तराखंड के अल्मोड़ा क्षेत्र में तेंदुए का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। मवेशियों को निवाला बनाने के बाद अब तेंदुए राह चलते लोगों पर भी झपटने लगे हैं। मंगलवार की सुबह बीटीकेआईटी के गार्ड पर तेंदुआ झपट पड़ा।
गार्ड ने भी साहस का परिचय दिया और तेंदुए को लात मारी, हो हल्ला मचाने के बाद तेंदुआ वहां से भाग गया। अलबत्ता गार्ड के हाथों में पंजों के गहरे निशान हैं। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें अस्पताल ले जाया गया। तेंदुए की धमक से क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
बिपिन त्रिपाठी कुमाऊं इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में गार्ड पद पर तैनात छतीना गांव निवासी खीमानंद उपाध्याय पुत्र स्व. माधवानंद रोज की तरह सुबह अपने घर से ड्यूटी को आ रहे थे।
सुबह 6:30 बजे राजकीय पॉलीटेक्निक खेल मैदान के नीचे तेंदुआ उन पर झपट पड़ा। जिससे उनके बाएं हाथ में नाखून लगे हैं। उन्होंने साहस का परिचय देते हुए तेंदुए को लात मारी और हल्ला मचाना शुरू कर दिया जिससे तेंदुआ भाग गया।
इसी बीच बालम सिंह और कैलाश बिष्ट वहां पहुंचे। उन्होंने खीमानंद को अस्पताल पहुंचाया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उनका प्राथमिक उपचार कराया गया। सरना के प्रधान नरेंद्र अधिकारी आदि ने वन विभाग को सूचना देकर यहां पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ने की मांग की है।