एक जुलाई से सब्सिडी सीधे खाते में, क्या-क्या होंगे फायदें पढ़ें
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प्रदेश में अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति, पिछडे़ व अल्पसंख्यक वर्ग के कल्याण और उत्थान से जुड़ी विभिन्न योजनाओं में मिलने वाली सब्सिडी एक जुलाई से शत-प्रतिशत सीधे खाते में जाएगी। राज्य सरकार ने पहले चरण में केंद्र की कोर ऑफ द कोर योजनाओं को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) योजना से जोड़ने का लक्ष्य बनाया है। 30 जून तक छात्रवृत्ति, पेंशन और रोजगार से जुड़ी योजनाओं के पात्र लाभार्थियों का खाता आधार से लिंक हो जाएगा।
बता दें कि केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2018 तक करीब 28 योजनाओं को डीबीटी योजना से शत-प्रतिशत जोड़ने का लक्ष्य बनाया है। इसके लिए सभी राज्यों की सरकारों को दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। केंद्रीय योजनाओं का लाभ उठाने के लिये राज्य सरकार पर डीबीटी योजना से जुड़ने का भारी दबाव है।
इस संबंध में केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारियों की कई दौर की बैठकें भी हो चुकी है। केंद्र पोषित 28 योजनाओं के तहत 150 से अधिक योजनाएं संचालित हो रही हैं। राज्य सरकार इन दिनों केंद्र और राज्य के समान विभाग व समान लाभ वाली योजनाओं की मैपिंग कर रही है। मैपिंग के बाद चयनित योजनाओं को चरणबद्ध ढंग से डीबीटी से लिंक किया जाएगा।
ये होगा लाभ
अपात्र लोगों की आसानी से पहचान हो सकेगी। योजना की राशि का लीकेज रुकेगा। फर्जीवाड़ा पर अंकुश लगेगा। पात्र व्यक्ति को योजना से सीधा फायदा होगा।
राज्य में केंद्र सरकार की आधा दर्जन ऐसी योजनाएं संचालित हो रही हैं, जो कोर ऑफ द कोर यानी सर्वोच्च प्राथमिकता वाली हैं। इनमें महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी कार्यक्रम, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक, पिछड़े और शारीरिक रूप से अक्षम वर्ग की योजनाएं हैं।
इन योजनाओं के तहत इन तबकों के पात्र लोगों को शिक्षण, रोजगार और कौशल विकास के लिए छात्रवृत्ति और प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है। एक जुलाई से ये सारे वित्तीय लाभ सीधे बैंक खाते में दर्ज होंगे।
सचिव वित्त अमित सिंह नेगी ने बताया कि सब्सिडी से जुड़ी सभी योजनाओं को शत-प्रतिशत डीबीटी से जोड़ना है। इसके लिए तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं। 30 जून तक कोर ऑफ द कोर स्कीमों को डीबीटी से जोड़ने का काम पूरा हो जाएगा। अगले चरण में बाकी योजनाओं को जोड़ने का लक्ष्य है।