ग्रेट 'खेल', खली की फाइट थी या फिल्मी ड्रामा?
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खली रिटर्न्स खेल का अंत दर्शकों के लिए निराशाजनक साबित हुआ। रिंग में पहले पिटकर स्ट्रेचर पर जाने वाले ग्रेट खली उठे तो महज एक-एक वार में विरोधी विदेशी रेसलर ब्रॉडी स्टील और उसके साथियों को शिकस्त दे दी। इसी बीच कई दर्शक कहते सुने गए कि इससे अच्छा अभिनय फिल्मों में अभिनेता कर लेते हैं। रिंग में फाइट पूरी तरह से फर्जी लग रही थी। महाबली युद्धाओं वाला कोई गुण नजर नहीं आया।
राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में रविवार शाम खली रिटर्न्स फाइट शुरू होने से ठीक पहले तक इस बात की चर्चाएं थी कि हर हाल में ग्रेट खली की जीत होगी। ब्रॉडी स्टील अपने साथी रेसलर माइक नॉक्स और अपोलो के साथ रिंग में बेहद गुस्से में दस्तक दी। इस दौरान खली का इंतजार कर रहे दर्शकों ने ब्रॉडी के खिलाफ जमकर हूटिंग की।
खेल में खुद को अव्वल साबित करने के लिए ब्रॉडी स्टील ने दोनों साथियों को चेन से बंधवा दिया। उन्होंने खली को चेताया कि वह अकेले खली को मात देंगे। करीब 10:38 बजे सिर पर पट्टी बांधे खली ने रिंग में दस्तक दी। उनकी बॉडी लैंग्वेज से उनकी अपेक्षाकृत कम ऊर्जा का आभास हो रहा था। सबसे पहले उन्होंने माइक और अपोलो पर वार किया। इसके बाद ब्रॉडी स्टील को पीटा। कुछ देर बाद ब्रॉडी हावी हुए और उन्होंने रेफरी से चेन की चाबी छीनकर अपने दोनों साथियों को चेन से आजाद करा लिया।
ब्रॉडी को एक बार में गिराया और जीत लिया मुकाबला
इसके बाद तीनों ने मिलकर खली को मारना शुरू किया। खली के जख्म वाली जगह पर ब्रॉडी ने चेन रगड़ी तो खली की हालत पतली हो गई। इस दौरान मौजूद स्टाफ ने दो बार खली से स्ट्रेचर पर जाने की रिक्वेस्ट की, लेकिन खली नहीं माने। पिटते-पिटते खली रिंग से नीचे गिर गए और उन्हें चिकित्सकों की टीम ने स्ट्रेचर पर लिटा लिया। खली को स्ट्रेचर पर लेकर चलते, इससे पहले ही वह उठ खड़े हुए।
लड़खड़ाते खली ने पहले एक-एक वार में माइक और अपोलो को चित किया। इसके बाद सीधे रिंग में पहुंचे। यहां उन्होंने दो वार में ब्रॉडी स्टील को गिरा दिया। कुर्सी उठाई और नाजुक से अंदाज में ब्रॉडी पर मारी। ब्रॉडी नीचे गिर गए। खली उनके ऊपर आ गए। रेफरी ने तीन तक गिनती गिनी और ब्रॉडी मुकाबला हार गए। यह सबकुछ महज आठ से नौ मिनट में खत्म हो गया। इसके साथ खली को विजेता घोषित कर दिया गया। मुकाबला खत्म होने के बाद दर्शक नाखुश नजर आए। दर्शकों का कहना था कि यह फाइट फिक्स थी। कुछ दर्शकों का कहना था कि खली और विदेशी रेसलरों की यह आग केवल शब्दों में ही थी, फाइट में नहीं।
बता दें कि इससे पहले 24 फरवरी को हल्द्वानी में हुए मुकाबले में ब्रॉडी स्टील ने खली पर ऐसा वार किया था कि वह घायल हो गए थे। उन्हें इलाज के लिए दून लाया गया था। इसके बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कि दून में खली निश्चित तौर पर ब्रॉडी, माइक और अपोलो को हराएंगे।
हर वार दर्शकों को कर रहा था निराश
ग्रेट खली की फाइट को लेकर जोश से लबरेज दर्शक खली के रिंग की तरफ बढ़ते निराशाजनक कदमों की वजह से ठंडे होते चले गए। खली ने फाइट शुरू की, लेकिन हर वार दर्शकों को जोश से भरने के बजाए निराश कर रहा था। फाइट खत्म होने के बाद दर्शक बेहद निराश होकर लौटे।
रविवार रात जब तक रिंग में ब्रॉडी स्टील, माइक और अपोलो ने बयानबाजी की तो दर्शकों में अपने चहेते खली को लेकर उतना ही जोश बढ़ता चला गया। कुछ देर बाद खली की दस्तक हुई। लेकिन खली के लड़खड़ाते से कदम देखकर दर्शकों का जोश ठंडा पड़ना शुरू हो गया। खली की पिटाई शुरू हुई तो जोश और ठंडा हो गया।
फाइट का हर वार जैसे पहले से तय लग रहा था। कब खली गिरेंगे, कब उनकी पिटाई होगी, चेन से कैसे उन्हें हल्के तौर पर पीटा जाएगा, कब खली उठेंगे और हल्की मार लगाएंगे, कैसे खली अपने प्रतिद्वंद्वी ब्रॉडी स्टील को बेहद नाजुक किस्म का कुर्सी का वार करेंगे। जो दर्शक हाई फाई और लहूलुहान किस्म की फाइट देखने आए थे, उन्हें इससे बेहद निराशा हुई। शो खत्म होने के बाद न केवल मैदान से निकलने वाले दर्शक बल्कि रात को सोशल नेटवर्किंग में चलने वाले मैसेजेज में भी खली की फाइट को फिक्स बताया जाने लगा।
खली की शिष्या बुलबुल भी जीतीं मुकाबला
ग्रेट खली रिटर्न्स में सबसे अहम मुकाबला न केवल ग्रेट खली ने जीता, बल्कि उनके शिष्यों ने भी इस फाइट में अपना जलवा कायम किया। बुलबुल और केटी फोब्स की जोड़ी ने सेंटना और केटी को हरा दिया।
ग्रेट खली रिटर्न्स रेसलिंग मुकाबले में न केवल गुरु खली, बल्कि उनकी शिष्या बुलबुल ने भी जीत दर्ज की। सीडब्ल्यूई के पहले मुकाबले में ब्राइन केज ने जस्टिन कवलर को पटखनी दी। इसके साथ ही टीम इवेंट राहुल हंस व सैनी सिंह और विकास बब्बर व अश्वनी के बीच हुआ।
इसमें राहुल हंस और सैनी सिंह ने जीत दर्ज की। रायल रंबल मुकाबले में खली के शिष्य शौंकी जीते। उन्होंने 19 पहलवानों को धूल चटाई। महिला टैग टीम मुकाबला खली की शिष्या बुलबुल व केटी फोब्स और सेंटना व केटी की बीच हुआ। इसमें बुलबुल और केटी फ ोब्स ने जीत दर्ज की।
महामुकाबले ने खोली तैयारियों की पोल
रायपुर अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में आयोजित ‘द खली रिटर्न्स’ कार्यक्रम ने सरकार की तैयारियों की पोल खोल दी। राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी में जुटी राज्य सरकार को इस आयोजन से बड़ा सबक मिला है। आयोजन के दौरान रायपुर में घंटों जबरदस्त जाम लगा रहा।
रायपुर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम बनाकर राज्य सरकार भले ही तैयारियों के पुख्ता होने का दावा कर रही हो, लेकिन असल तस्वीर अलग है। शहर से स्टेडियम को जोड़ने वाली एकमात्र सड़क का आज तक चौड़ीकरण नहीं हो पाया है। इस कारण यहां हमेशा जाम की स्थिति रहती है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मुकाबले या राष्ट्रीय खेलों के दौरान यहां इतनी या इससे ज्यादा भीड़ जुटनी तय है।
ऐसे में दर्शक और खिलाड़ी और दर्शक बिना जाम में फं से कैसे पहुंचेंगे, इसका जवाब सरकार को खोजना होगा। सरकार का दावा है कि स्टेडियम से जौलीग्रांट एयरपोर्ट को जोड़ने वाली सड़क पर्याप्त चौड़ी है, जिससे खिलाड़ियों को स्टेडियम तक पहुंचने में दिक्कत नहीं होगी, लेकिन दर्शकों के लिए सरकार को वैकल्पिक मार्ग तलाशना होगा। ऐसा नहीं हुआ तो साल 2018 के राष्ट्रीय खेल एक चुनौती होंगे।