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इमरजेंसी सर्विस 108 में ऑक्सीजन न होने से ग्राम प्रधान ने रास्ते में तोड़ा दम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटद्वार
Updated Sat, 04 Aug 2018 11:33 AM IST
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108 एंबुलेंस
- फोटो : अमर उजाला
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पौड़ी जिले के रिखणीखाल ब्लाक में बदहाल स्वास्थ्य सुविधाएं लोगों की जान पर भारी पड़ रही हैं।
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इसकी एक बानगी शुक्रवार को तब देखने को मिली, जब रिखणीखाल से कोटद्वार के लिए रेफर हुए सुंद्रोली के ग्राम प्रधान हुकुम सिंह रावत (55) को 108 एंबुलेंस में जरूरत पड़ने पर ऑक्सीजन नहीं मिली और उनकी रास्ते में ही मौत हो गई। ग्राम प्रधान की मौत की खबर लगते ही गुस्साए लोगों ने रिखणीखाल सामुदायिक अस्पताल के सामने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष दीनबंधु बलोदी ने बताया कि शुक्रवार दिन में सुंद्रोली के ग्राम प्रधान हुकुम सिंह रावत को हार्ट अटैक की शिकायत होने पर रिखणीखाल सामुदायिक अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां कोई विशेषज्ञ डॉक्टर न होने से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें 108 एंबुलेंस से कोटद्वार के लिए रेफर कर दिया गया। आधे रास्ते में पहुंचने पर मरीज को आक्सीजन की जरूरत पड़ी, लेकिन एंबुलेंस में ऑक्सीजन न होने के कारण उन्होंने दम तोड़ दिया। जैसे ही ग्रामीणों को प्रधान की मौत की खबर मिली वे तुरंत अस्पताल पहुंचे और यहां सरकार और विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया।
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108 सेवा के जिला इंचार्ज आशीष नेगी ने स्वीकारा कि रिखणीखाल एंबुलेंस में ऑक्सीजन नहीं है। जरूरत पड़ने पर दुगड्डा से एंबुलेंस भेजी जाती है। उनका कहना था कि बजट की कमी के चलते इस तरह की दिक्कत आ रही है। उच्चाधिकारियों को इस बारे में लिखा गया है।
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