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'गैरसैंण पर विधायक-अफसरों का रुख गैरों जैसा'
विनय बहुगुणा/ अमर उजाला, कर्णप्रयाग
Updated Wed, 26 Mar 2014 03:31 PM IST
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पहाड़ की उपेक्षा का दर्द उस समय छलक उठा जब विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने यह कह दिया कि अधिकतर विधायक और अफसर गैरसैंण का हित नहीं चाहते।
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राजनीति छोड़ने की बात तक कह डाली
उन्होंने कहा कि विधानसभा भवन निर्माण का मकसद नेताओं और अधिकारियों को गैरसैंण लाना है ताकि पहाड़ के विकास को गति मिल सके। उन्होंने पहाड़ के हित में विधायकी और राजनीति छोड़ने की बात तक कह डाली।
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विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल मंगलवार को उमेश डोभाल स्मृति सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि मुखातिब थे। कुंजवाल ने कहा कि पहाड़ का ग्रामीण गांवों में नहीं रहना चाह रहा है।
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यह खेद का विषय है। एसबीएमए/प्लान सभागार में आयोजित समारोह में विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि राज्य निर्माण के बाद प्रदेश सरकारों ने गैरसैंण की अनदेखी की है।
उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण के लिए आंदोलन की जो रूपरेखा धरातल पर उतरी वह राज्य बनने के बाद थम गई। इस कारण आज प्रदेश में व्यापक अव्यवस्थाएं हैं।
सुविधाजनक तबादले की सिफारिशें
स्थितियां इतनी विकट हैं कि दूरस्थ स्कूलों में शिक्षक तैनाती से पहले ही कई कारण बताकर सुविधाजनक तबादले की सिफारिशें लेकर आ रहे हैं।
कुंजवाल ने कहा कि उन्होंने रायपुर में विधानसभा भवन निर्माण का भी विरोध किया। तब सरकार ने गैरसैंण में विधानसभा भवन की अनुमति दे दी।
इसके लिए पहली किस्त 25 करोड़ रुपये भी जारी हो गए, ऐसे में अन्यत्र भवन का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने पहाड़ के विकास और गैरसैंण को लेकर ठोस नीतियां बनाने पर भी बल दिया।