शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों के हक में CM रावत का बड़ा ऐलान
समाज की सुरक्षा में प्राण न्यौछावर करने वाले शहीद पुलिसकर्मियों को राज्य परिवार का सम्मान दिया जाएगा, यही शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। यह बात मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पुलिस लाइन में पुलिस स्मृति परेड के अवसर पर कही।
इस अवसर पर सीएम ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा के अलावा आतंरिक सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती है। इस पर अब तक पुलिस खरी उतरी है। उम्मीद जताई कि आगामी अर्द्धकुंभ में बेहतर सुविधाएं देकर पुलिस अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का गौरव बढ़ाएगी। उन्होंने पुलिस कर्मियों को प्रोत्साहित करने के लिए कई घोषणाएं भी कीं।
बुधवार को पुलिस स्मृति परेड के अवसर पर पुलिस लाइन में शहीद स्थल पर शहीद पुलिसकर्मियों को मुख्यमंत्री ने पुष्प अर्पित किए। इसके बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि नौकरशाह ये सुनिश्चित करें कि शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों की देखभाल राज्य के परिवार के तौर पर की जाए। शहीदों का कर्ज कभी नहीं चुकाया जा सकता है।
सीमाओं के साथ आतंरिक सुरक्षा बड़ी चुनौती: सीएम
कहा कि देश में केंद्रीय सुरक्षा बल और पुलिस नक्सली आतंकवाद के अलावा दूसरी तरह के विघटनकारी ताकतों से जूझ रही हैं। बताया कि प्रदेश में 28 नए पुलिस थाने खोले गए, जबकि अन्य के प्रस्ताव विचाराधीन हैं। प्रयास है कि प्रत्येक थाने में एक महिला सब इंस्पेक्टर तैनात रहे। इस लिहाज से पुलिस मुख्यालय के प्रस्ताव को स्वीकृति देकर नई भर्ती जल्द शुरू कराने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने चारधाम यात्रा और कांवड़ यात्रा सकुशल संपन्न कराने पर पुलिस की सराहना की। कार्यक्रम का संचालन विजिलेंस की एसपी निवेदिता कुकरेती और अपर पुलिस अधीक्षक अर्द्धकुंभ श्वेता चौबे ने संयुक्त रुप से किया।
इन्होंने किए शहीद स्थल पर पुष्प अर्पित
गृह मंत्री प्रीतम सिंह, वन मंत्री दिनेश अग्रवाल, विधायक गणेश जोशी, कांग्रेस विधायक राजकुमार, प्रमुख सचिव गृह उमाकांत पंवार, डीजीपी बीएस सिद्धू, एडीजी कानून व्यवस्था अनिल कुमार रतूड़ी, एडीजी प्रशासन राम सिंह मीणा, एडीजी अभिसूचना अशोक कुमार, आईजी संजय गुंज्याल, आईजी जीएन गोस्वामी, डीआईजी पुष्पक ज्योति, दीपम सेठ, पूर्व डीजीपी ज्योति स्वरूप पांडेय, एसएसपी डॉ. सदानंद दाते, एसपी सिटी अजय सिंह, एसपी ट्रैफिक प्रदीप राय आदि ने शहीद स्थल पर पुष्प अर्पित किए। दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई।
इसलिए मनाते हैं स्मृति दिवस, पढ़ें प्रमुख घोषणाएं
पुलिस महानिदेशक बीएस सिद्धू ने बताया कि 21 अक्तूबर 1959 को मातृभूमि की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले केंद्रीय रिजर्व पुलिस के वीर सपूतों को याद करने के लिए प्रत्येक साल इस दिन को स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है।
शहीद पुलिसकर्मियों को किया याद
स्मृति दिवस पर पुलिस उपाधीक्षक महिपाल सिंह, उप निरीक्षक देवी प्रसाद बहुगुणा, हैड कांस्टेबल सतर्कता मनोज रावत, कांस्टेबल हरेंद्र सिंह, अनूप सिंह, दिनेश नेगी आईआरबी प्रथम, प्रकाश चंद की शहादत को याद किया गया।
पूर्व की घोषणाओं पर अमल के निर्देश
मुख्यमंत्री को पुरानी घोषणाओं की भी याद आ गई। कहा कि पहले की गई घोषणाओं में कुछ पूरी नहीं हो पाई हैं। अधिकारियों को उन्हें अविलंब पूरा करने के निर्देश दिए।
प्रमुख घोषणाएं
- हाई एल्टीट्यूड में पुलिसकर्मियों को प्रतिदिन 300 रुपये का भत्ता।
- मोटर साइकिल भत्ता 350 रुपये से बढ़ाकर 700 रुपये किया।
- पुलिस विभाग के खिलाड़ियों के लिए खेल कोष का किया गठन।
- प्रदेश में चार स्थानों पर खोले जाएंगे विजिलेंस के सब सेंटर।
- पुलिस विभाग में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने को जल्द होगी नई भर्ती।