फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Government vehicle purchase policy will be revised with Inflation in uttarakhand

सरकारी वाहनों की खरीद नीति में संशोधन की तैयारी, महंगाई के हिसाब से दोबारा तय होंगी दरें

Fri, 22 Nov 2019 12:49 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 22 Nov 2019 12:49 PM IST
विज्ञापन
Government vehicle purchase policy will be revised with Inflation in uttarakhand
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

उत्तराखंड में महानुभावों और विशिष्ट श्रेणी के अफसरों के लिए सरकारी गाड़ियों की खरीद की नीति में बदलाव होने जा रहे हैं। ऑटो बाजार में वाहनों की दरों में उछाल आने के बाद सरकार वाहन खरीद की दरों में इजाफा करने की तैयारी में है। बृहस्पतिवार को सचिव परिवहन अरविंद सिंह ह्यांकी की अध्यक्षता में हुई बैठक में परिवहन आयुक्त कार्यालय द्वारा तैयार प्रस्ताव पर मंथन हुआ।

विज्ञापन


अभी प्रस्ताव पर पूरी तरह से सहमति नहीं बनी है, परिवहन आयुक्त कार्यालय को जल्द संशोधित प्रस्ताव बनाने को कहा गया है। सूत्रों के मुताबिक राज्य सचिवालय में हुई बैठक में परिवहन विभाग के अधिकारियों के अलावा परिवहन सेवाओं से जुड़ी कंपनियों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
विज्ञापन


जानकारी के मुताबिक, वाहन क्रय नीति में मंत्रियों एवं मंत्री स्तर के महानुभाव, मुख्य सचिव, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश व पीसीसीएफ, डीजीपी को लग्जरी वाहन उपलब्ध कराए जाते हैं। वर्ष 2016 में तय क्रय नीति की अधिसूचना के अनुसार, ऐसे लग्जरी वाहन की अधिकतम कीमत 15 लाख रुपये तक है। इस श्रेणी में वाहन खरीद की नई दर 20 लाख रुपये तक करने का प्रस्ताव है।

विज्ञापन
विज्ञापन

ये है प्रस्ताव

दूसरी श्रेणी के तहत 12 लाख रुपये तक के वाहन खरीदे जा सकते हैं। इस श्रेणी में प्रमुख सचिव, सचिव, कमिश्नर, डीजीपी, एससीएफ स्तर के अधिकारी शामिल हैं। इस श्रेणी के तहत 15 लाख रुपये तक के वाहन खरीद का प्रस्ताव किया गया है। तीसरी श्रेणी विभाग प्रमुखों, जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी स्तर के अधिकारी की है, जिसके लिए अभी आठ लाख रुपये तक के वाहन खरीदे जा सकते हैं। इस सीमा को 12 लाख करने का प्रस्ताव है।

चौथी श्रेणी निदेशालय व जनपद स्तर के अधिकारियों की है, जिनके लिए वाहन खरीद की सीमा छह लाख निर्धारित है। इस सीमा को बढ़ाकर आठ लाख करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा किराये पर लिए जाने वाले वाहनों के लिए नए प्रस्ताव में सात श्रेणियां बनाई गई हैं, जिसमें छोटे वाहनों के लिए 30 हजार रुपये तक और बड़े वाहनों के लिए 77,000 रुपये मासिक किराये का प्रस्ताव है।

अभी वाहनों की विशेषता के हिसाब से तीन श्रेणियां हैं जिनके लिए क्रमश: 30 हजार, 37 हजार व 42 हजार रुपये किराया दरें तय हैं। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में उपस्थित ट्रांसपोर्टरों के प्रतिनिधियों ने प्रस्तावित दरों को महंगाई के सापेक्ष कम माना और इसमें संशोधन का सुझाव दिया। सचिव परिवहन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे शीघ्र दोबारा प्रस्ताव तैयार कर शासन को प्रस्तुत करें। अगली बैठक में प्रस्ताव पर मुहर लगने की संभावना है। 

वाहनों की खरीद के लिए प्रस्तावित दरें 

श्रेणी                 वर्तमान दरें            प्रस्तावित दरें
ए                    15 लाख                20 लाख
बी                    12 लाख                15 लाख
सी                    08 लाख            12 लाख
डी                    06 लाख            10 लाख

वाहन क्रय नीति के प्रस्ताव पर अभी विचार विमर्श हो रहा है। प्रस्ताव को जल्द फाइनल कर इसे कैबिनेट में अनुमोदन के लिए लाया जाएगा।
- अरविंद सिंह ह्यांकी, सचिव परिवहन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed