Uttarakhand News: प्रदेश में बांधों की जमीन पर अतिक्रमण पर सरकार सख्त, समिति बनाई
प्रदेश के बांधों के निर्माण के वक्त जो जमीनें थीं, उनमें से काफी हिस्से पर अतिक्रमण हो चुका है। इसका संज्ञान लेते हुए अध्ययन समिति गठित की गई है।
विस्तार
प्रदेश के सभी बांधों की जमीन पर हुए कब्जों को हटाने को लेकर सरकार सख्त हो गई है। अतिक्रमण का अध्ययन करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर एक समिति का गठन किया गया है।
इसके अलावा सभी बांधों में जमा सिल्ट को भाखड़ा नागल बांध की तर्ज पर हटाया जाएगा। प्रदेश के बांधों के निर्माण के वक्त जो जमीनें थीं, उनमें से काफी हिस्से पर अतिक्रमण हो चुका है। इसका संज्ञान लेते हुए अध्ययन समिति गठित की गई है।
इस समिति में सिंचाई विभाग, यूजेवीएनएल, राजस्व विभाग के अलावा संबंधित जिलों के डीएम भी शामिल होंगे। यह समिति बांध के निर्माण के समय बांध की लंबाई, चौड़ाई, गहराई और कुल क्षेत्रफल की समीक्षा करेगी।
समीक्षा के बाद यह अपनी रिपोर्ट देगी, जिसके हिसाब से अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जाएगा। वहीं, बांधों में जमा सिल्ट का भी अध्ययन किया जा रहा है। इस सिल्ट को भाखड़ा नागल बांध की तर्ज पर हटाया जाएगा। इसके लिए सरकार ने निर्देश दिए हैं कि भाखड़ा नागल को डिसिल्ट करने की प्रक्रिया का भी अध्ययन किया जाए, ताकि उस हिसाब से यहां के बांधों को सिल्ट से आजाद किया जा सके।
ये भी पढ़ें...Srinagar Garhwal: घर से दो सौ मी दूर झाड़ियों में मिला मासूम का शव, मां के सामने उठाकर ले गया था गुलदार
बांधों का चेतावनी तंत्र बनेगा मजबूत
उत्तराखंड के बांध-बैराज में चेतावनी तंत्र को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार 20 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इन सभी बांधों और बैराजों में अर्ली वार्निंग सिस्ट लगाए जाएंगे। इस पर बजट जारी होने के बाद काम शुरू कर दिया गया है।