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उत्तराखंड: सरकारी राशन विक्रेताओं को मिला लाभांश और परिवहन का 28.87 करोड़, हड़ताल की समाप्त

Tue, 02 Jan 2024 12:48 PM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Tue, 02 Jan 2024 12:48 PM IST
सार

खाद्य आयुक्त बृजेश कुमार संत की ओर से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत लाभांश और परिवहन का 28.87 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। जिसके बाद संगठन की ओर से हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया गया है।

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Government ration vendors got Rs 28.87 crore as dividend and transport strike ended in Uttarakhand news
राशन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सरकारी राशन विक्रेताओं को लाभांश और परिवहन का 28.87 करोड़ मिलने के बाद उन्होंने हड़ताल समाप्त कर दी। ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष रेवाधर बृजवासी ने कहा, राज्य में एस्मा भी लागू है। शासन ने इस संबंध में निर्देश दिया है कि हड़ताल पर रोक है। हर महीने राशन उपलब्ध कराया जाना जरूरी है।

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प्रदेश के सभी 9500 सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता मुफ्त बांटे जाने वाले राशन का लाभांश और मानदेय न मिलने पर नाराजगी जताते हुए एक जनवरी से हड़ताल पर चले गए थे, लेकिन एक दिन की हड़ताल के बाद राशन विक्रेताओं ने हड़ताल वापस ले ली। राशन विक्रेता संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रेवाधर बृजवासी ने कहा, राज्य में एस्मा लागू है।

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अपर सचिव रुचि मोहन रयाल ने निर्देश जारी किया है कि राज्याधीन सेवाओं में हड़ताल पर रोक है। राशन विक्रेता राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत खाद्यान्न का वितरण करते हैं। राशन कार्ड धारकों को हर महीने खाद्यान्न उपलब्ध कराना जरूरी है। जबकि खाद्य आयुक्त बृजेश कुमार संत की ओर से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत लाभांश और परिवहन का 28.87 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। जिसके बाद संगठन की ओर से हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया गया है।

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सरकारी राशन विक्रेताओं को बताया गया है कि राज्य में एस्मा लागू है, हड़ताल न करें। उन्हें लाभांश और परिवहन का दिसंबर तक का पैसा दे दिया गया है। उनकी मानदेय की मांग केंद्र सरकार के स्तर की है। - पीएस पांगती, अपर आयुक्त खाद्य
 

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