{"_id":"e74991a919fb4966b7b28b62c3ef7107","slug":"government-making-joke-on-disaster-victims","type":"story","status":"publish","title_hn":"आपदा पीड़ितों का 'मजाक' उड़ा रही सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आपदा पीड़ितों का 'मजाक' उड़ा रही सरकार
अमर उजाला, ऋषिकेश
Updated Sat, 31 Aug 2013 09:52 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड में आई आपदा के बाद से सरकार का पीड़ितों की मदद को लेकर क्या व्यवहार रहा है, यह किसी से छिपा नहीं है।
विज्ञापन
कई मामलों में सरकार पीड़ितों के आंसू पोंछने की बजाए उनका उपहास उड़ाती दिख रही है। आपदा में लापता हुए तीर्थनगरी के एक व्यक्ति के परिजनों को सरकार की ओर से दिया गया राहत राशि का चेक बाउंस होने की घटना तो यही बताती है।
यह स्थिति तब है, जबकि केंद्र सरकार और देश-विदेश से कई स्वयंसेवी संस्थाओं की ओर से राज्य सरकार को आपदा पीड़ितों की मदद के लिए अरबों रुपये की सहायता मिल चुकी है। मगर यह राशि पीड़ितों की सहायता पर खर्च होती नहीं दिख रही।
विज्ञापन
टूरिस्ट गाइड लापता
आपदा के बाद से तीर्थनगरी की शिव शंकर तीर्थयात्रा कंपनी के टूरिस्ट गाइड हरेंद्र सिंह लापता हैं। सरकार की ओर से आपदा के पौने तीन महीने बाद हरेंद्र की पत्नी राधा देवी के नाम आठ अगस्त-2013 को पांच लाख की राहत राशि का चेक दिया गया था।
विज्ञापन
जिसे उन्होंने अपने स्टेट बैंक ऑफ पटियाला के अकाउंट में जमा कराया। 29 अगस्त को बैंक की ओर से उन्हें बताया गया कि संबंधित खाते में उक्त धनराशि अपर्याप्त है। उधर, भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यमंत्री संदीप गुप्ता ने आरोप लगाया कि सरकार आपदा पीड़ितों के साथ सहानुभूति की बजाए उनका मखौल उड़ा रही है।
क्या थी घटना
यात्रा कंपनी का 90 यात्रियों का एक दल चारधाम यात्रा पर गया था। 16 जून को यात्री दल केदारनाथ के दर्शन के बाद गौरीकुंड के लिए रवाना हुआ। रामबाड़ा के समीप हादसे में दल की एक महिला सदस्य की मौत हो गई जबकि 60 यात्री लापता हो गए, जिनमें गाइड हरेंद्र सिंह भी शामिल है। इस दल के 29 सदस्य सकुशल लौटे।
फेसबुक पर अपनी राय देने के लिए यहां क्लिक करें