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संविदा कर्मी होंगे नियमित, कैबिनेट ने लिया फैसला
अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 14 Dec 2013 10:49 PM IST
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लंबे इंतजार के बाद सरकार ने आम आदमियों से जुड़ी तमाम घोषणाएं और पेंचीदा मुद्दों का समाधान कैबिनेट की बैठक में किया। सरकार ने कर्मचारियों, किसानों, सैनिकों समेत कई वर्गों को खुश करने वाले 42 फैसले लिए हैं।
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शनिवार की शाम मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट ने पांच साल से नियमित रूप से कार्य कर रहे संविदा, दैनिक वेतन भोगी आदि कर्मचारियों को नियमित करने का फैसला किया है।
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सीएम ने दी जानकारी
हिमाचल, पंजाब आदि राज्यों में यह सीमा छह साल की है। अनुमान है कि तत्काल इससे पांच हजार से ज्यादा कर्मचारियों को फायदा होगा।
इसके साथ ही डीआरडीए के करीब 230 कर्मचारियों को राजकीय घोषित किया गया। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने दी। उनके साथ राजस्व मंत्री यशपाल आर्य, कृषि मंत्री हरक सिंह, नियोजन मंत्री दिनेश अग्रवाल भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने बताया कि संविदा कर्मचारियों को नियमित करने के लिए पांच साल की नियमित सेवा की शर्त रखी गई है।
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15 दिन का पितृत्व अवकाश मंजूर
पांच साल के लिए कट ऑफ डेट भी 14 दिसंबर, 2013 तय कर दी गई है। अनुमान है कि प्रदेश में सरकारी निगम, शिक्षण संस्थान, उपक्रम, विभाग आदि में कार्यरत करीब पांच हजार कर्मियों को नियमितिकरण का लाभ मिलेगा। इसके बाद जैसे- जैसे पांच साल का कार्यकाल पूरा होता जाएगा उसे नियमित किया जाएगा। मुख्य सचिव सुभाष कुमार के मुताबिक अन्य राज्यों में नियमित सेवा की शर्त छह साल की है।
कैबिनेट ने राज्य कर्मचारियों के लिए 15 दिन के पितृत्व अवकाश भी स्वीकृत किया। शिशु होने से पूर्व या बाद में यह छुट्टी ली जा सकती है। कर्मचारियों को यह लाभ सिर्फ दो बच्चों तक के जन्म के लिए ही मिल पाएगा
आंगनबाड़ी कर्मियों के मानदेय में इजाफा
कैबिनेट ने आंगनवाड़ी कर्मियों और सहायिकाओं के मानदेय में भी इजाफा किया है। आंगनवाड़ी कर्मियों के मानदेय में एक हजार रुपये और सहायिकाओं के मानदेय में 500 रुपये का इजाफा किया गया है।
कलेक्ट्रेट के मिनिस्ट्रीयल कर्मचारियों की बेहद पुरानी मांग को भी शुक्रवार को कैबिनेट ने मंजूरी मिल गई। नायब तहसीलदार पद पर पदोन्नति अब कलेक्ट्रेट से हो सकेगी। इसके लिए दस प्रतिशत का आरक्षण भी रखा गया है।
सचिवालय संवर्ग में बढ़े 263 पद
शुक्रवार को कैबिनेट ने सचिवालय संवर्ग के ढांचे के पुनर्गठन को भी मंजूरी दी। मुख्य सचिव सुभाष कुमार के मुताबिक इससे सचिवालय में निजी सहायकों, समीक्षा अधिकारियों, लेखा संवर्ग आदि के 263 पद बढ़ जाएंगे।
उत्तराखंड सचिवालय संघ की यह पुरानी मांग थी। सचिवालय संघ के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने यह घोषणा भी की थी।