चारधाम यात्रा में अब सरकारी हेली कंपनी शुरू करने की तैयारी, ऑनलाइन बुक होंगे टिकट
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चारधाम यात्रा में हेली सेवाओं के बढ़ते कारोबार को देख सरकार अब अपनी हेली कंपनी संचालित करने की तैयारी कर रही है। निजी कंपनियां हेली सेवाओं से प्रदेश में सालाना करीब 135 करोड़ का कारोबार कर रही हैं। इसके विपरीत राज्य सरकार को नागरिक उड्डयन विभाग को रॉयल्टी के नाम पर मात्र 12 से 15 करोड़ रुपये सालाना ही मिलता है, जबकि निजी कंपनियां सरकारी संसाधनों का ही इस्तेमाल करती हैं।
ऐसे में नागिरक उड्डयन विभाग ने निजी कंपनी की जगह सरकारी कंपनी की संभावनाएं तलाशनी शुरू कर दी हैं। वर्तमान में चारधाम यात्रा के लिए नौ हवाई कंपनियां प्रदेश में हेली सेवाएं संचालित कर रही हैं। चार्टर्ड सेवाओं में कंपनियों को भारी मुनाफा होता है। सर्वाधिक उड़ानें फाटा से केदारनाथ की बुक होती हैं।
रुकेगी मनमानी वसूली
सरकार के अपनी हेली कंपनी बनाने से प्राइवेट कंपनियों की मनमानी पर विराम लगेगा। ऑनलाइन प्रक्रिया से ही टिकट बुक होंगे। केदारनाथ के लिए सरसी, फाटा और गुप्तकाशी से बुकिंग की दरें साढे़ छह हजार से साढ़े सात हजार के बीच हैं, लेकिन तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ने पर टिकट ब्लैक होने के आरोप लगते हैं, सरकारी एजेंसी के आने से ऐसी आशंका खत्म हो जाएगी। इसके अलावा सरकार टिकट दरों को भी नियंत्रित कर सकेगी।
हेलीकॉप्टर लेने होंगे लीज पर
नागरिक उड्डयन विभाग हेली सेवाएं संचालित करने के लिए शुरुआत में प्राइवेट कंपनियों से टेंडर के आधार पर हेलीकॉप्टर लीज पर लेगा। विभाग यात्रा के दौरान कंपनियों को केवल किराया देगा, संचालन अधिकार अपने पास रखेगा। इसके बाद अपने हेलीकॉप्टर भी खरीदे जा सकते हैं। इसी कड़ी में विभाग हिन्दुस्तान एरोनाटिकल लिमिटेड से ध्रुव हेलीकॉप्टर खरीदने पर भी विचार कर रहा है।
प्रदेश में हेली सर्विस संचालित करने से निजी कंपनियों को ही फायदा हो रहा है, प्रदेश को केवल किराये पर 10 प्रतिशत रायल्टी मिलती है। हमारे पास सेवाएं संचालित करने के पर्याप्त संसाधन हैं, ऐसे में अपनी कंपनी पंजीकृत करवा सेवाएं संचालित करने का प्रस्ताव विचारणीय है।
-ओम प्रकाश, अपर मुख्य सचिव