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सरकारी सेवा में तैनात ध्यान से पढ़ लें नियम, गलती से भी किया ऐसा काम तो अब सजा का प्रावधान

ब्यूरो/अमर उजाला, भराड़ीसैंण Updated Wed, 27 Dec 2017 03:42 PM IST
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कोर्ट - फोटो : file photo
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सरकारी सेवा में तैनात, गलती से भी ऐसा काम न करें कि उनकी मुसीबत और बढ़ जाए। सरकार ने सख्त रूख अपनाते हुए कुछ नियम बनाए है। पढ़िए जरा ध्यान से....
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सरकारी सेवा में तैनात लोकसेवक तबादले के लिए यदि माता-पिता, पत्नी या अन्य रिश्तेदारों से प्रार्थना पत्र दिलवाता है या किसी की सिफारिश कराने का प्रयास करता है तो उसे तबादला अधिनियम के तहत सजा के दायरे में माना जाएगा।

 बृहस्पतिवार को विधानसभा में ध्वनिमत से पारित प्रवर समिति की सिफारिश पर पेश संशोधित उत्तराखंड लोक सेवकों के लिए वार्षिक स्थानांतरण विधेयक 2017 में यह प्रावधान किया गया है। यह अधिनियम प्रदेश के सभी विभागों, निगमों, व नगर निकायों आदि में भी लागू किया जा सकेगा।

संशोधित विधेयक में यह व्यवस्था है कि अगर कोई अपना तबादला रुकवाने के लिए परिजनों का आवेदन इस्तेमाल करता है तो इसको कर्मचारी की व्यक्तिगत फाइल में रखा जाएगा और ऐसे आवेदनों को आगे नहीं भेजा जाएगा।

इसको कर्मचारी की सालाना गोपनीय प्रविष्टि में भी अंकित किया जाएगा। अगर कोई कर्मचारी किसी से सिफारिश लगवाता है या अनुचित दबाव बनाता है तो उसे कर्मचारी द्वारा सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली का उल्लंघन माना जाएगा और उसके विरुद्ध उत्तराखंड सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली 203 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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तबादला आदेश नहीं माना तो होगी कार्रवाई

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