फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Government declared sugarcane price in Uttarakhand

उत्तराखंड: सरकार ने घोषित किया गन्ना मूल्य, दामों में बढोतरी न होने से किसान खफा

Wed, 18 Dec 2019 10:11 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 18 Dec 2019 10:11 AM IST
विज्ञापन
Government declared sugarcane price in Uttarakhand
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रदेश सरकार की ओर से गन्ने का राज्य परामर्शी मूल्य (एसएपी) घोषित कर दिया है। इसमें इस साल बढ़ोतरी न किए जाने से किसानों को पिछले वर्ष घोषित मूल्य ही मिलेगा। सामान्य प्रजाति का मूल्य 317 और अगेती का 327 प्रति क्विंटल घोषित किया है। केंद्र और उत्तरप्रदेश के बाद उत्तराखंड ने भी कोई बढ़ोतरी नहीं की है। 

विज्ञापन


 प्रदेश में गन्ने की पेराई शुरू होने के बावजूद गन्ने का एसएपी घोषित नहीं हो पाया था। किसानों में इसे लेकर नाराजगी थी। किसानों का कहना था कि उनका पिछले वर्ष का गन्ना बकाया भुगतान नहीं हो पाया है, जबकि इस वर्ष का मूल्य भी तय नहीं किया गया।
विज्ञापन


उधर, परामर्श समिति के रेट तय कर सरकार को सौंपने के बाद गन्ना विभाग ने इस वर्ष के लिए दरें तय कर दी हैं। केंद्र ने गन्ना के तय मूल्य को पिछले वर्ष के बराबर 275 रुपये प्रति क्विंटल रखा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके बाद यूपी ने भी सामान्य प्रजाति के गन्ना के लिए 315 और अगेती के लिए 325 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया। उत्तराखंड सरकार ने भी पिछले वर्ष घोषित मूल्य में बदलाव नहीं किया। सचिव हरबंस चुघ ने कहा कि गन्ने का एसएपी घोषित कर दिया है। 

गन्ना मूल्य नहीं बढ़ाए जाने से किसान खफा

प्रदेश सरकार ने गन्ना मूल्य घोषित करते हुए विगत सत्र का गन्ना मूल्य यथावत रखा है। प्रदेश सरकार के गन्ना मूल्य नहीं बढ़ाने से किसानों में खासी नाराजगी है। ऐसे में किसान सवाल उठा रहे हैं कि आखिरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुनी कैसे होगी।

उत्तर प्रदेश सरकार ने सात दिसंबर को गन्ना मूल्य घोषित कर दिया गया था। इसके बाद से प्रदेश में गन्ना मूल्य घोषित होने का इंतजार किया जा रहा था। हर साल प्रदेश सरकार उत्तर प्रदेश के तर्ज पर ही गन्ना मूल्य घोषित करती है। प्रदेश सरकार ने सोमवार की शाम गन्ना मूल्य घोषित कर दिया है। इसमें विगत पेराई सत्र का गन्ना मूल्य यथावत रखा गया है। 

गन्ना मूल्य पिछले साल जितना रखे जाने की खबर सुनते ही रुड़की और हरिद्वार के किसानों में आक्रोश पनप गया। किसान राकेश कुमार, विजयपाल, अमित रोड, महिपाल सिंह, नाथीराम, इकबाल सिंह, जावेद अली, फुरकार, सहीराम, विकास कुमार, राजेंद्र सिंह आदि का कहना है कि प्रदेश सरकार किसान विरोधी है। कहा कि प्रत्येक वर्ष सरकार एक या दो रुपये बढ़ा देती थी, लेकिन इस बार तो प्रदेश सरकार ने हदें पार कर दी हैं।

प्रदेश सरकार ने एक पाई भी नहीं बढ़ाई है। किसान नेताओं ने तंज कसा कि प्रदेश सरकार का यह फैसला उन भाजपा नेताओं को आइना है, जो किसानों के बीच खड़े होकर कहते हैं कि भाजपा सरकार किसानों की आय 2022 तक दोगुनी कर देगी। किसान नेताओं ने कहा कि प्रत्येक फसल की लागत बढ़ती जा रही है। जबकि किसानों की आय बढ़नी तो दूर उल्टी घटती जा रही है। क्योंकि प्रतिवर्ष फसल उत्पादन का खर्च बढ़ रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed