जनता के सस्ते राशन पर लगा कट, अब पहले आओ पहले पाओ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जनता को सस्ता राशन उपलब्ध करवाने की योजना पटरी से उतर गई है। गोदाम से कोटेदारों के कोटे में कमी करने का खामियाजा राशन कार्ड धारक भुगत रहे हैं। बिना सूचना के निर्धारित कोटे में कट लगने से कुछ ही लोगों को राशन मिल पा रहा है, जबकि दुकान मालिकों को जनता का गुस्सा झेलना पड़ा रहा है।
सरकार ने बिना आकलन 65 हजार उपभोक्ताओं के राशन का कोटा गोदाम में भेजना बंद कर दिया, जिससे पूरी सप्लाई चैन बाधित हो गई है। ऐसे में उपभोक्ता तो परेशान है ही, कोटेदारों को भी कम राशन देने की शिकायतें झेलनी पड़ रही है। जिला पूर्ति विभाग के अधिकारी भी पशोपेश हैं कि आखिर सस्ते गल्ले की दुकान के लिए कहां से राशन लाएं।
उधर, कोटा कम होने के बाद कोटेदारों ने अपने स्तर से वितरण का फार्मूला खोज लिया है। वे पहले आओ पहले पाओ के हिसाब से राशन दे रहे हैं। जो लाभार्थी राशन से वंचित रह जा रहे हैं, उन्हें अगले माह का आश्वासन मिल रहा है।
65 हजार धारकों का कोटा घटा, राशन हुआ कम
करें भी क्या, राज्य खाद्य योजना की प्रक्रिया अभी चल रही है। मार्च तक उपभोक्ताओं को इस योजना में शामिल होने के लिए राशन कार्ड का नवीनीकरण करवाना है, लेकिन इससे पहले ही सरकार ने 65 हजार कार्ड धारकों को अधिक मान कर विभाग का कोटा घटा दिया। इससे कोटेदारों को राशन मिलना कम हो गया है, जबकि कार्ड धारक उतने ही हैँ।
उधर, जिलापूर्ति विभाग ने कोटेदारों को निर्देश दिया है कि वह उपभोक्ताओं के राशन में कटौती ना करें। उपभोक्ताओं को पुराने राशन कार्ड पर मार्च तक पूरा राशन मिलना चाहिए।
ऐसे में कोटेदार बीच मझधार में फंसे हुए हैं कि वह राशन किसको दें और किसको ना दें। क्योंकि मार्च के आखिरी दिन तक एपीएल के सभी राशन कार्ड मान्य हैं। इसके बाद नए सिरे से कोटा कुल नवीनीकरण हुए राशन कार्ड के हिसाब से मिलने लगेगा।
प्रति कार्ड यह है व्यवस्था
गेहूं पांच किलो का प्रावधान, विभाग दे रहा तीन किलोग्राम
चावल दस किलो, विभाग से मिल रहा 6 से 7 किलोग्राम
चीनी प्रति कार्ड 500 ग्राम, विभाग से मिल रही 400 ग्राम
65 हजार राशन कार्ड का कोटा कम मिल रहा है। मार्च तक राशन कार्ड के नवीनीकरण की प्रक्रिया चलेगी। इसके बाद स्पष्ट हो जाएगा कि विभाग को प्रतिमाह कितना राशन चाहिए। इसी हिसाब से शासन से राशन की मांग की जाएगी। कुछ माह तक स्थिति ऐसे ही रहेगी। प्रयास है कि सभी उपभोक्ताओं को राशन मिल सके।
-पीएस पांगती, जिलापूर्ति अधिकारी
तीन माह से कोटेदारों को राशन कम मिल रहा है, जबकि लाभार्थियों को प्रति कार्ड के हिसाब से निर्धारित राशन देने के लिए निर्देश मिले हैं। विभाग को समझना चाहिए कि जब वह राशन कम दे रहा है तो कोटेदार अधिक राशन कहां से लाएंगे।
-जितेन्द्र गुप्ता, अध्यक्ष राशन डीलर एसोसिएशन