डॉक्टरों को सरकार का तोहफा, डीएसीपी पर सैद्धांतिक सहमति
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डायनेमिक एश्योरड कैरियर प्रोगेशन (डीएसीपी) का लाभ एक जनवरी 2015 से पूर्व तैनात चिकित्सकों को देने पर प्रदेश सरकार की सैद्धांतिक सहमति मिल गई है।
सरकार एक अप्रैल 2016 से चिकित्सकों को इसका लाभ देगी, लेकिन चिकित्सकों को वेतन के अतिरिक्त मिल रहे विभिन्न प्रकार के भत्तों पर पुनर्विचार करने के लिए एक छह सदस्यीय कमेटी बना दी है। कमेटी 10 दिन में अपनी रिपोर्ट देगी। फैसले के बाद चिकित्सक ने रोजाना दो घंटे के कार्यबहिष्कार को वापस ले लिया है।
सीएम हरीश रावत की अध्यक्षता में मंगलवार देर शाम डीएसीपी के संबंध में शासन और प्रांतीय चिकित्सक सेवा संघ के पदाधिकारियों के साथ बैठक हुई। बैठक के बाद सरकार ने डीएसीपी देने पर सैद्धांतिक सहमति दे दी। हालांकि इसे अगले वित्तीय वर्ष से लागू करने का निर्णय हुआ है।
बैठक में इस बात पर भी निर्णय हुआ कि चिकित्सकों को अगर डीएसीपी दी जाएगी तो उन्हें पहले से दिए जा रहे भत्तों पर सरकार पुनर्विचार करेगी। अन्य राज्यों और केंद्रीय सेवाओं के तहत डाक्टरों को जो भत्ते मिलते हैं केवल वही प्रदेश सरकार देगी। इस संबंध में सीएम ने छह सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है, जिसमें मुख्य सचिव के अलावा प्रमुख सचिव स्वास्थ्य, सचिव वित्त, डीजी हेल्थ सहित दो अन्य अधिकारी रहेंगे।
प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ओम प्रकाश ने बताया कि डीएसीपी अगले वित्तीय वर्ष से लागू करने के लिए सीएम ने सैद्धांतिक सहमति दे दी है। डीएसीपी लागू करने और चिकित्सकों को मिल रहे अन्य भत्तों पर पुनर्विचार के लिए छह सदस्य कमेटी बनाई है।
फैसले से विभाग पर दो करोड़ का पड़ेगा भार
डीएसीपी लागू करते ही स्वास्थ्य विभाग पर दो करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय भार पड़ेगा। लगभग 300 ऐसे चिकित्सक हैं जिनका 7600 ग्रेड पे से 8700 ग्रेड पे हो जाएगा। यह वित्तीय भार आने वाले वर्षों में और बढ़ेगा।
हड़ताल वापस
प्रांतीय चिकित्सक सेवा संघ (पीएमएचएस) ने सीएम के फैसले के बाद दो सप्ताह से चल रहे आंदोलन को समाप्त कर दिया है। संघ के अध्यक्ष डा. संजीव गोस्वामी और महामंत्री डा. नरेश नप्लचयाल ने बताया कि सरकार के डीएसीपी के फैसले के बाद हड़ताल वापस ले ली है।
कैबिनेट कमेटी के बाद नई कमेटी
कैबिनेट ने डीएसीपी के सबंध में तीन सदस्यीय कमेटी बनाई थी, जिसमें मुख्य सचिव, प्रधान मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव स्वास्थ्य सदस्य थे। अब नई छह सदस्यीय कमेटी बनाने से पुराने कमेटी पर सवाल खड़े हो गए हैं।
डीएसीपी मिलेगी तो भत्ते होंगे कम
प्रदेश में चिकित्सकों को अन्य राज्यों और केंद्र सरकार में तैनात सरकारी डाक्टरों से कई अधिक भत्ते मिल रहे है। नए डाक्टरों को मौजूदा 8, 16 और 26 वर्ष केसेवाकाल पर निश्चित समयबद्ध वेतन वृद्धि के बदले 4, 8, 13 और 20 वर्ष पर लाभ मिलेगा। सरकार अब केंद्र की तर्ज पर उनके भत्ते करने पर विचार कर रही है।