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गोपेश्वर: किराया जमा न करने पर पालिका ने दुकानें और आवास किए सील, विरोध कर रहे सात लोग गिरफ्तार
Fri, 23 Jul 2021 06:14 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपेश्वर
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Fri, 23 Jul 2021 06:14 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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नगर पालिका क्षेत्र गोपेश्वर में पांच साल से आवंटित दुकानों और आवासों का किराया जमा न करने पर शुक्रवार को नगर पालिका ने कार्रवाई करते हुए पांच आवंटित दुकानों और आवासों को सील कर दिया। पालिका प्रशासन की ओर से किराया जमा करने के लिए संबंधित लोगों को 24 घंटे का समय दिया गया था, जिसके बाद यह कार्रवाई अमल में लाई गई।
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इस दौरान भारी पुलिस बल भी तैनात रहा। इस दौरान दुकानों को सीज करने का विरोध कर रहे व्यापार संघ अध्यक्ष अंकोला पुरोहित के साथ ही तीन व्यक्ति व तीन महिलाओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। हालांकि बाद में सभी को थाना चमोली में निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया। वर्ष 2016 में नगर पालिका ने नगर में नवनिर्मित पार्किंग पर दुकानें व विकास भवन के समीप आवासीय कक्षों को आवंटित किया था, लेकिन आवासों और दुकानों का लंबे समय से किराया नहीं दिया जा रहा था।
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नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी अनिल पंत ने बताया कि दुकानों का लाखों का बकाया था। किराया जमा करने के लिए पूर्व में नोटिस भी दिए गए, इसके बाद भी किराया जमा नहीं किया गया। कई लोगों की ओर से नगर पालिका की दुकानों को कई गुना अधिक किराए पर सब्लेट (आवंटित सरकारी दुकान को किसी दूसरे व्यक्ति को किराये पर देना) किया गया था, इसके बावजूद किराया जमा नहीं किया जा रहा था।
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इसके बाद संबंधित लोगों को गुरुवार को 24 घंटे में किराया जमा करने की चेतावनी दी गई थी, इसके बाद भी किराया जमा न करने पर शुक्रवार को दुकानों को सील करने की कार्रवाई की गई। अब नगर पालिका ने निर्णय लिया है कि वर्तमान में जो व्यवसायी दुकान चला रहे हैं, उन्हीं व्यवसायियों को ही ये दुकानें आवंटित की जाएंगी। ताकि नगर पालिका की आय अर्जित हो सके। अधिशासी अधिकारी ने बताया कि किराया जमा न करने पर पांच दुकानों को सील कर दिया गया है। व्यापार संघ अध्यक्ष अनूप पुरोहित व अन्य लोगों की ओर से कार्रवाई का विरोध करने पर पुलिस ने तीन महिलाओं समेत सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया, जिन्हें बाद में थाना चमोली में निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया।
किसने क्या बोला
व्यापारी कोरोना काल से परेशान हैं। दुकानों का किराया जमा करने का समय 24 घंटे का दिया गया और सुबह 8 बजे दुकानों को सील करने की कार्रवाई की गई। व्यापारियों के उत्पीड़न की कोशिश की जा रही है। इस तरह की कार्रवाई की व्यापारियों ने घोर निंदा की है।
- अनूप पुरोहित, अध्यक्ष, व्यापार संघ, गोपेश्वर, चमोली
दुकानों व आवासों का किराया जमा न करने के बहाने पालिका की ओर से कोरोना काल में व्यवसायियों पर की गई कार्रवाई दुर्भाग्यपूर्ण है। पालिका की ओर से अपनी आवंटित दुकानों को जिन लोगों को दी गई, उनमें से कई दुकानें सब्लेट की गई हैं, इसकी भी जांच होनी चाहिए। इस मामले में दुकान चला रहा व्यापारी कोई दोषी नहीं है। पालिका को किराया वसूल न होने के कारणों को सार्वजनिक करना चाहिए। गोपेश्वर में एक पूर्व मंत्री के नाम पर भी दुकान आवंटित की गई है, लेकिन उस दुकान को भी किसी अन्य को दिया गया है, डीएम से इस मामले की जांच के लिए कहा गया है।
- महेंद्र भट्ट, विधायक, बदरीनाथ विधानसभा क्षेत्र