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अब लड़कियों को छेड़ने के बारे में सोचना भी मत
मनमीत रावत/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 09 Oct 2013 10:01 AM IST
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लड़कियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अब देहरादून के भी विक्रम, सिटी बस और ऑटो ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम से लैस होंगे। इन वाहनों में हर सीट पर पैनिक बटन भी होगा, जिसे दबाते ही कंट्रोल रूम को खतरे की सूचना मिल जाएगी।
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निर्भया फंड
दिल्ली में चलती बस में हुए गैंग रेप के बाद केंद्र सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक हजार करोड़ रुपये का निर्भया फंड बनाया था। इस फंड के तहत यह योजना दून में लागू की जा रही है। केंद्र ने इसके लिए प्रस्ताव मांगा था, जिसे आरटीओ अंतिम रूप दे रहा है।
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एआरटीओ (प्रशासन) संदीप सैनी ने बताया कि जल्द ही प्रस्ताव भेज दिया जाएगा। पहले विक्रम और फिर बसों में जीपीएस और पैनिक बटन लगाए जाएंगे।
बजेगा सायरन
यात्री वाहनों की हर सीट पर पैनिक बटन लगेगा। खतरा होने पर यदि इसे दबाया जाता है तो आरटीओ कंट्रोल रूम और पुलिस कंट्रोल रूम में सायरन बजने लगेगा। उधर, जीपीएस की मदद से वाहन की सटीक लोकेशन मिल जाएगी और पुलिस वाहन को पकड़ लेगी। जीपीएस या पैनिक बटन से छेड़छाड़ या क्षतिग्रस्त करने की कोशिश पर भी कंट्रोल रूम में सायरन बजने लगेगा।
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क्या है जीपीएस
ग्लोबल पाजिशनिंग सिस्टम सेटेलाइट के जरिए काम करता है। सेटेलाइट के जरिए वाहन में लगे डिवाइस की फ्रिक्वेंसी कंट्रोल रूम में लगे उपकरणों से पता चल जाएगी, जिससे वाहन की लोकेशन ट्रेस की जा सकती है। यह जीपीएस फोन की तरह ही काम करेगा।
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