फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Glaciers will be monitored by early warning system 

तैयारी : अर्ली वार्निंग सिस्टम से रखी जाएगी ग्लेशियरों पर नजर, प्रस्ताव केंद्र के पास

Fri, 20 Aug 2021 08:50 AM IST
दुष्यंत शर्मा अरविंद सिंह, अमर उजाला, देहरादून
अरविंद सिंह, अमर उजाला, देहरादून Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 20 Aug 2021 08:50 AM IST
सार

  • वाडिया इंस्टीट्यूट ने हिमस्खलन के लिहाज से संवेदनशील ग्लेशियरों के आसपास सिस्टम लगाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा 
  • चमोली में आई आपदा के बाद ग्लेशियरों की निगरानी की महसूस की जा रही जरूरत 

विज्ञापन
Glaciers will be monitored by early warning system 
glacier - फोटो : istock

विस्तार

उत्तराखंड के कुमाऊं और गढ़वाल क्षेत्रों में हिमस्खलन के लिहाज से बेहद संवेदनशील ग्लेशियरों की निगरानी के साथ ही चमोली के नीति घाटी में पिछले साल आई आपदा जैसी घटनाओं की पूर्व जानकारी हासिल की जा सके, इसके लिए वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी की ओर से अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाए जाएंगे। 

विज्ञापन


वाडिया इंस्टीट्यूट की ओर से इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (डीएसटी) को भेजा गया है। रेंडोल्फ ग्लेशियर इन्वेंटरी के आंकड़ों के अनुसार कुमाऊं और गढ़वाल क्षेत्रों में छोटे-बड़े कुल 1573 ग्लेशियर हैं, जो 2250 वर्ग किलोमीटर में फैले हैं। 
विज्ञापन


उत्तरकाशी में यमुनोत्री, गंगोत्री, ढोकरियानी, बंदरपूंछ जैसे ग्लेशियरों के अलावा चमोली जिले में दूणागिरी, हिपरावमक, बद्रीनाथ, सतोपंथ और भागीरथी ग्लेशियर हैं। इसके अलावा गढ़वाल क्षेत्र में ही रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ धाम के पीछे चौराबाड़ी, खतलिंग ग्लेशियर हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ, चौराबाड़ी, दूनागिरी, ढोकरियानी ग्लेशियर की हो रही मॉनिटरिंग

जबकि कुमाऊं क्षेत्र में मिलम, काली, नरमिक, हीरामण, सोना, पिनौरा, रालम, पोंटिंग, मेओला, सुंदरढूंगा, सुखराम, पिंडारी, कपननी और मैकतोली जैसे बड़े ग्लेशियर हैं। राज्य में इतनी अधिक संख्या में ग्लेशियर होने के बावजूद चुनिंदा दस की ही मॉनिटरिंग वाडिया इंस्टीट्यूट समेत अन्य संस्थानों के वैज्ञानिकों द्वारा की जा रही है।

जिन ग्लेशियरों की मानीटरिंग हो रही है उनमें गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ, चौराबाड़ी, दूनागिरी, ढोकरियानी ग्लेशियर शामिल हैं। 

पिछले साल चमोली के नीती घाटी में ग्लेशियर टूटने के बाद आई आपदा के बाद इस बात की जरूरत महसूस की जाने लगी कि हिमस्खलन और प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज से संवेदनशील ग्लेशियरों का निगरानी तंत्र विकसित किया जाए ताकि हिमस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली तबाही पर नजर रखी जा सके। इसी कड़ी में डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी की ओर से वाडिया इंस्टीट्यूट के जरिये अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाए जाने को लेकर विस्तृत प्रस्ताव मांगा था जिसे इंस्टीट्यूट की ओर से भेज दिया गया है।
 

ग्लेशियरों की हलचल, भूगर्भीय हलचल, मौसम में आए बदलाव की मिलेगी जानकारी 

वाडिया इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों के अनुसार उच्च हिमालयीय क्षेत्रों में ग्लेशियरों के आसपास अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाए जाने से आपदा के लिहाज से संवेदनशील ग्लेशियरों में किसी प्रकार की हलचल की जानकारी मिलेगी। साथ ही सीस्मिक डाटा के जरिये भूगर्भीय हलचल व नदियों के जलप्रवाह की भी जानकारी मिलेगी।

जिसके आधार पर संस्थान के वैज्ञानिक डाटा का विश्लेषण का यह पता लगाएंगे कि भविष्य में किस प्रकार की आपदा की आशंका है। उसी के हिसाब से आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी राहत से जुड़े कार्यों को अंजाम दे सकेंगे।

प्राकृतिक आपदाओें के लिहाज से संवेदनशील ग्लेशियरों की मॉनिटरिंग के साथ ही उनका पूर्व आकलन किया जा सके, इस संबंध में अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाए जाने को लेकर विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी को भेज दिया गया है। वहां से जो भी दिशा-निर्देश मिलेंगे, उनके अनुसार आगे का कार्य किया जाएगा। 
- डॉ. कालाचांद सांई, निदेशक, वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed