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Dehradun News: एक अक्तूबर के बाद वर्कचार्ज से नियमित कर्मचारियों को दें पुरानी पेंशन
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- राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा की आपातकालीन बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा ने आपातकालीन बैठक बुलाकर मांग की है कि एक अक्तूबर 2005 के बाद वर्कचार्ज से नियमित हुए कर्मचारियों को तत्काल पुरानी पेंशन का लाभ दिया जाए।
मोर्चा की आपातकालीन बैठक लोक निर्माण विभाग के संघ भवन में हुई। प्रदेश प्रभारी विक्रम सिंह रावत ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी की ही सरकार में पूर्व में तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के कार्यकाल के दौरान कैबिनेट की संस्कृति के आधार पर लोक निर्माण विभाग में कार्यरत, सेवानिवृत्त वर्कचार्ज कार्मिकों को पेंशन अनुमन्य करने का शासनादेश चार फरवरी 2020 को जारी हुआ था। इसका लाभ एक अक्तूबर 2005 से पूर्व वर्कचार्ज में कार्यरत और बाद में नियमित, सेवानिवृत्त कार्मिकों को मिलता रहा है।
विक्रम रावत ने कहा कि खेद का विषय है कि भारतीय जनता पार्टी की ही सरकार में वर्तमान मुख्यमंत्री के नेतृत्व में कैबिनेट की 24 दिसंबर 2025 की सिफारिश के आधार पर उत्तराखंड शासन ने 16 जनवरी को शासनादेश जारी कर वर्कचार्ज कार्मिकों को पेंशन देने से संबंधित आदेश पारित किया है। एक गरीब एवं अल्प-वेतनभोगी कर्मचारियों के विरुद्ध राज्य सरकार ने जो निर्णय लिया है, उससे आर्थिक स्थिति बिगड़ गई है। प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष मनोज अवस्थी ने कहा है कि जब 2005 से पूर्व के अधियाचन वाले नियुक्त कर्मचारियों को पेंशन का लाभ मिल सकता है तो 2005 से पूर्व कार्यरत वर्कचार्ज कर्मचारी जो कि एक अक्तूबर 2005 के बाद नियमित हुए हैं तो उनको भी पुरानी पेंशन का लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने तत्काल 16 जनवरी के शासनादेश को निरस्त करने की मांग की। प्रदेश महामंत्री सीता राम पोखरियाल, लक्ष्मण सिंह सजवान, विनोद चौहान, गुड्डी मटूड़ा, अवधेश सेमवाल, अभिषेक नवानी, रनिता विश्वकर्मा, माखन लाल, केदार फर्स्वाण, राजेश प्रसाद, सुनित कुमार, सुंदर सिंह, छोटे लाल आदि उपस्थित रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा ने आपातकालीन बैठक बुलाकर मांग की है कि एक अक्तूबर 2005 के बाद वर्कचार्ज से नियमित हुए कर्मचारियों को तत्काल पुरानी पेंशन का लाभ दिया जाए।
मोर्चा की आपातकालीन बैठक लोक निर्माण विभाग के संघ भवन में हुई। प्रदेश प्रभारी विक्रम सिंह रावत ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी की ही सरकार में पूर्व में तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के कार्यकाल के दौरान कैबिनेट की संस्कृति के आधार पर लोक निर्माण विभाग में कार्यरत, सेवानिवृत्त वर्कचार्ज कार्मिकों को पेंशन अनुमन्य करने का शासनादेश चार फरवरी 2020 को जारी हुआ था। इसका लाभ एक अक्तूबर 2005 से पूर्व वर्कचार्ज में कार्यरत और बाद में नियमित, सेवानिवृत्त कार्मिकों को मिलता रहा है।
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विक्रम रावत ने कहा कि खेद का विषय है कि भारतीय जनता पार्टी की ही सरकार में वर्तमान मुख्यमंत्री के नेतृत्व में कैबिनेट की 24 दिसंबर 2025 की सिफारिश के आधार पर उत्तराखंड शासन ने 16 जनवरी को शासनादेश जारी कर वर्कचार्ज कार्मिकों को पेंशन देने से संबंधित आदेश पारित किया है। एक गरीब एवं अल्प-वेतनभोगी कर्मचारियों के विरुद्ध राज्य सरकार ने जो निर्णय लिया है, उससे आर्थिक स्थिति बिगड़ गई है। प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष मनोज अवस्थी ने कहा है कि जब 2005 से पूर्व के अधियाचन वाले नियुक्त कर्मचारियों को पेंशन का लाभ मिल सकता है तो 2005 से पूर्व कार्यरत वर्कचार्ज कर्मचारी जो कि एक अक्तूबर 2005 के बाद नियमित हुए हैं तो उनको भी पुरानी पेंशन का लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने तत्काल 16 जनवरी के शासनादेश को निरस्त करने की मांग की। प्रदेश महामंत्री सीता राम पोखरियाल, लक्ष्मण सिंह सजवान, विनोद चौहान, गुड्डी मटूड़ा, अवधेश सेमवाल, अभिषेक नवानी, रनिता विश्वकर्मा, माखन लाल, केदार फर्स्वाण, राजेश प्रसाद, सुनित कुमार, सुंदर सिंह, छोटे लाल आदि उपस्थित रहे।
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