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नदी के उफान को मात देकर 'बेटी' ने बचाया
अमर उजाला, ऋषिकेश
Updated Mon, 06 Jan 2014 10:54 AM IST
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रविवार को ऋषिकेश में एक बेटी ने गंगा में बह रहे बुजुर्ग को बचाकर साबित कर दिया कि बेटी ही बचाएगी।
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बुजुर्ग नहाते समय पैर फिसलने से गंगा की तेज धारा में बह गए थे। छात्रा ने नदी के उफान को मात देकर उन्हें सकुशल बाहर निकाला। पॉलीटेक्निक की जांबाज छात्रा के जज्बे को सभी ने सलाम किया।
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शांति नगर निवासी विजय गोयल (60) रविवार दोपहर साईं घाट पर गंगा में स्नान कर रहे थे। अचानक उनका पैर फिसल गया और वे गंगा की तेज धारा के साथ काफी दूर तक बहते चले गए।
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इसी बीच अंजू (20) पुत्री पारसनाथ, बैराजमार्ग स्टेडिया गली-01 स्थित अपने घर की छत पर धूप सेंक रही थी। उसकी नजर गंगा में बहते हुए बुजुर्ग पर पड़ी। आनन-फानन में वह नदी तट पर पहुंची और जान की प्रवाह किए बिना पानी में छलांग लगा दी।
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छात्रा ने काफी मशक्कत के बाद तट पर खड़े स्थानीय निवासी सुधीर मिश्रा की मदद से बुजुर्ग को बाहर निकाल लिया। उसकी हिम्मत देख प्रत्यक्षदर्शियों ने खूब सराहना की। जीवनदान मिलने के बाद वृद्ध ने छात्रा का आभार जताया। अंजू ने बताया कि वह राजकीय पालीटेक्निक नरेंद्रनगर में पॉलीटेक्निक द्वितीय वर्ष में पढ़ती है।
पर्यटक ने किया सम्मानित
प्रत्यक्षदर्शियों में शामिल राजेंद्र शर्मा निवासी बी-54, कीर्तिनगर, दिल्ली अंजू का जज्बा देख स्तब्ध रह गए। उन्होंने छात्रा की हिम्मत की सराहना करते हुए उसे सम्मान स्वरूप एक हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया।
बचपन में भाई के साथ खेलते-खेलते सीखी तैराकी
अंजू ने तैराकी का कोई प्रशिक्षण नहीं लिया, बल्कि वह अपने बड़े भाई दिनेश के साथ बचपन में नदी तटों पर खेलते-खेलते ही तैराकी में माहिर हो गई। भाई दिनेश ने भी कई बार लोगों को डूबने से बचाया है।
बताया कि वर्ष 1998 में दिनेश ने एक व्यक्ति को डूबने से बचाया था। जिसके लिए नगर पालिका की तत्कालीन अध्यक्ष द्वारा उसे नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया था।
पहले भी बचा चुकी है एक महिला को
अंजू इससे पहले भी एक महिला की जान बचा चुकी है। परिजनों ने बताया कि जब वह 12वीं कक्षा में थी, तब एक महिला अचानक सांई घाट पर गंगा में बहने लगी। अंजू ने जान की परवाह करे बिना महिला को बचा लिया था।
एनसीसी और खेल फिटनेस का राज
अंजू की शिक्षा दीक्षा श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज स्कूल से हुई है। वह एनसीसी और स्पोर्ट्स को अपनी फिटनेस का राज बताती हैं। स्कूल के दिनों में एथलेटिक्स की खिलाड़ी रही छात्रा के पास एनसीसी का ए-सर्टिफिकेट है।
तैराकी के शौक के साथ-साथ सांस्कृतिक और अन्य गतिविधियों में भी छात्रा की दिलचस्पी रही है।
सशक्तीकरण को महिलाएं आगे आएं
महिला सशक्तीकरण के लिए महिलाओं को सशक्त होना होगा। अंजू ने यह संदेश समाज को दिया है।
कहा कि पुरुष प्रधान समाज में महिलाओं पर अत्याचार बढ़ रहे हैं, मगर यदि महिलाएं और छात्राएं खुद में हिम्मत जुटाएं तो काई भी डगर मुश्किल नहीं होगी। उन्होंने समाज में कन्या भ्रुण हत्या, बलात्कार और अन्य अपराधों को दूर करने के लिए सभी से आगे आने की अपील की।
गंगा माई का आशीर्वाद है बेटी पर
अंजू छह भाई-बहिनों में चौथे नंबर की है। उनकी मां विमला देवी बताती हैं कि गंगा में बहते व्यक्ति को बचाना आसान नहीं है। उन्होंने बेटी के जज्बे को गंगा माई का आशीर्वाद बताया। कहा कि गंगा माई के आशीर्वाद से ही दो बार वह डूबते लोगों को जीवनदान दे पाई है।
क्या कहते हैं शिक्षक
कॉलेज की गतिविधियों में भी छात्रा की भागीदारी सराहनीय है। छात्रा ने कॉलेज का नाम भी रोशन किया है। सभी विद्यार्थियों को उससे प्रेरणा लेनी चाहिए।
- राम प्रवेश यादव, शिक्षक, राजकीय पॉलीटेक्निक नरेंद्रनगर
छात्रा का स्कूल में स्पोर्ट्स और एनएससी में बेहतर प्रदर्शन रहा। सराहनीय कार्य के लिए उसे सम्मानित किया है। यह स्कूल ही नहीं बल्कि तीर्थनगरी के लिए भी गौरव की बात है।
- कै . गोविंद सिंह रावत, एनसीसी अधिकारी, एसबीएम इंटर कॉलेज