संदिग्ध हालत में फंदे पर लटकी मिली लड़की, 10 साल से परिजनों से नहीं हुआ संपर्क
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संदिग्ध हालत में फंदे पर लटकी मिली लड़की के परिजनों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस के अनुसार जिस परिवार के साथ लड़की रह रही थी, उनका परिजनों से बीते 10 साल से कोई संपर्क नहीं हुआ है।
ऐसे में परिजनों की तलाश के लिए अब पुलिस विज्ञापन का सहारा ले रही है। इसके साथ ही उसकी उम्र को लेकर भी कोई ठोस जानकारी नहीं है। लिहाजा पुलिस पोस्टमार्टम के बाद ही इस संबंध में भी प्रक्रिया शुरू करेगी।
लड़की रायपुर क्षेत्र निवासी एक इंश्योरेंस एजेंट के परिवार के साथ रहती थी। वह उनके फ्लैट में बीती तीन नवंबर को फंदे पर लटकी मिली थी। इसके बाद उसे मैक्स अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने रविवार देर शाम दम तोड़ दिया।
इस मामले में बाल आयोग को एक गोपनीय पत्र मिला था, जिसमें लड़की के साथ दुष्कर्म और प्रताड़ना की बात कही गई है। पुलिस शुरुआती जांच के आधार पर इस तरह की बात से इनकार कर रही है।
एसओ रायपुर दिलबर सिंह नेगी ने बताया कि लड़की के परिजनों के बारे में इंश्योरेंस एजेंट के परिवार को कुछ पता नहीं है। वह 10 साल से उनके साथ रह रही थी। इतनी जानकारी जरूर है कि वह मूल रूप से बिहार की रहने वाली थी।
चूंकि, अभी परिवार का पता नहीं है तो उसके शव को 72 घंटे के लिए मोर्चरी में रखवाया गया है। इसके बाद ही पोस्टमार्टम और अगली प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।
उम्र की भी होगी वैज्ञानिक तरीके से जांच
इंश्योरेंस एजेंट का परिवार लड़की की उम्र लगभग 21 साल बताई जा रही है। असल उम्र के बारे में जानकारी नहीं है। एसओ दिलबर सिंह नेगी ने बताया कि उसकी उम्र का पता लगाने के लिए वैज्ञानिक परीक्षण कराया जाएगा। साथ ही डीएनए के लिए सैंपलिंग भी कर ली गई है।
गार्ड थे लड़की के पिता
पुलिस के अनुसार इंश्योरेंस एजेंट का परिवार इतना जानता है कि लड़की के पिता शहर में एक कॉलोनी के बाहर गार्ड थे। वहां पर वह भी रहा करते थे। एक दिन गार्ड उनके पास आया और कहने लगा कि उसकी तीन संतानें हैं और पालने के लिए धन की कमी है।
लिहाजा, उन्होंने अपनी बड़ी बेटी को पालने का आग्रह किया। उस वक्त लड़की की उम्र करीब 11 वर्ष बताई गई थी। इसके बाद गार्ड का परिवार कुछ दिनों में ही बिहार चला गया। फिर कोई संपर्क उनसे नहीं हुआ।