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बिल्डर ने ग्राहकों के नाम पर लिया 90 लाख का लोन, मुकदमे
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एक बिल्डर ने फ्लैट खरीदारों के नाम पर लोन लेकर अपने खाते में जमा करा लिया। 90 लाख रुपये के इस लोन घोटाले में बिल्डर के खिलाफ दो ग्राहकों ने मुकदमे दर्ज कराए हैं। आरोप है कि ग्राहकों से फ्लैट बेचने का सौदा किया और फिर लोन लेकर किसी दूसरे को बेच दिए। बिल्डर के खिलाफ पहले भी चार मुकदमे दर्ज हैं।
राजपुर थानाध्यक्ष मोहन सिंह ने बताया कि पहला मामला अतुल शर्मा निवासी श्रीरामपुरम, कांवली रोड की तहरीर पर और दूसरा आशा रावत पत्नी नरेश रावत निवासी विजय पार्क एक्सटेंशन की तहरीर पर दर्ज किया गया है। दोनों के आरोप एक जैसे हैं। एसए बिल्डटेक बिल्डर मालसी में अर्टिगो रेजिडेंसी नाम से हाउसिंग प्रोजेक्ट बना रहा है। वहां दोनों की एक-एक फ्लैट खरीदने की डील हुई थी। बिल्डर ने फ्लैट बनाने पर अलॉट करने का पत्र भी दे दिया। आरोप है इस पत्र पर आईसीआईसीआई बैंक से लोन स्वीकृत कराया गया।
बैंक ने रजिस्ट्री हुए बिना ही लोन की रकम बिल्डर के खाते में भेज दी। लोन जारी होते वक्त बिल्डर ने कहा था कि वह कब्जा देने तक खुद किश्त देगा। कुछ महीने तक लोन की किश्तें दीं। इसके बाद लोन चुकाना बंद कर दिया। बाद में पता चला कि आशा रावत को जो फ्लैट मिलना था, उसकी रजिस्ट्री किसी अन्य को कर दी गई। किश्त जमा नहीं होने पर बैंक उन पर दबाव बना रहा है। अतुल शर्मा का फ्लैट अब तक पूरा नहीं बना है। उन्होंने अब लोन की किश्त देनी बंद कर दी है। दोनों के नाम पर हुए लोन की 90 लाख रुपये से ज्यादा की रकम बिल्डर के पास चली गई।
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ये हैं आरोपी
दोनों मुकदमों में एसए बिल्डटेक के निदेशक प्रेम दत्त शर्मा, आराधना शर्मा, सुनीता शर्मा और अरुण सहगल सभी निवासी हिंद अपार्टमेंट सेक्टर पांच, द्वारका, नई दिल्ली, जमीन मालिक सुनील अग्रवाल, बिचौलिया गौरव आहुजा निवासी विजय पार्क और आईसीआईसीआई बैंक के तत्कालीन प्रबंधक और कर्मचारी आरोपी बनाए गए हैं।
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राजपुर थानाध्यक्ष मोहन सिंह ने बताया कि पहला मामला अतुल शर्मा निवासी श्रीरामपुरम, कांवली रोड की तहरीर पर और दूसरा आशा रावत पत्नी नरेश रावत निवासी विजय पार्क एक्सटेंशन की तहरीर पर दर्ज किया गया है। दोनों के आरोप एक जैसे हैं। एसए बिल्डटेक बिल्डर मालसी में अर्टिगो रेजिडेंसी नाम से हाउसिंग प्रोजेक्ट बना रहा है। वहां दोनों की एक-एक फ्लैट खरीदने की डील हुई थी। बिल्डर ने फ्लैट बनाने पर अलॉट करने का पत्र भी दे दिया। आरोप है इस पत्र पर आईसीआईसीआई बैंक से लोन स्वीकृत कराया गया।
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बैंक ने रजिस्ट्री हुए बिना ही लोन की रकम बिल्डर के खाते में भेज दी। लोन जारी होते वक्त बिल्डर ने कहा था कि वह कब्जा देने तक खुद किश्त देगा। कुछ महीने तक लोन की किश्तें दीं। इसके बाद लोन चुकाना बंद कर दिया। बाद में पता चला कि आशा रावत को जो फ्लैट मिलना था, उसकी रजिस्ट्री किसी अन्य को कर दी गई। किश्त जमा नहीं होने पर बैंक उन पर दबाव बना रहा है। अतुल शर्मा का फ्लैट अब तक पूरा नहीं बना है। उन्होंने अब लोन की किश्त देनी बंद कर दी है। दोनों के नाम पर हुए लोन की 90 लाख रुपये से ज्यादा की रकम बिल्डर के पास चली गई।
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ये हैं आरोपी
दोनों मुकदमों में एसए बिल्डटेक के निदेशक प्रेम दत्त शर्मा, आराधना शर्मा, सुनीता शर्मा और अरुण सहगल सभी निवासी हिंद अपार्टमेंट सेक्टर पांच, द्वारका, नई दिल्ली, जमीन मालिक सुनील अग्रवाल, बिचौलिया गौरव आहुजा निवासी विजय पार्क और आईसीआईसीआई बैंक के तत्कालीन प्रबंधक और कर्मचारी आरोपी बनाए गए हैं।