भारत को तबाही से बचाने की ओर बड़ा कदम
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नेपाल भूकंप के बाद भारतीय भूगर्भ सर्वेक्षण (जीएसआई) भी सक्रिय हो गया है। देश के भूकंप प्रभावित इलाकों में पोस्ट सीस्मिक सर्वे किया जाएगा।
इसके लिए अपेक्स कमेटी गठित कर दी गई है। यही कमेटी जीएसआई के सभी क्षेत्रों के कार्यालयों की ओर से किए जाने वाले मैक्रो और माइक्रो सीस्मिक सर्वे पर निगाह रखेगी। टीमें 25 अप्रैल को आए इस नेपाल के भूकंप की वजह से बनने वाले लैंड स्लाइड को भी रिपोर्ट करेंगी।
संस्थान के महानिदेशक के निर्देश पर बनी इस कमेटी में 8 उप-महानिदेशक शामिल किए गए हैं, जो जीएसआई के पश्चिमी क्षेत्र, उत्तरी क्षेत्र, पूर्वी क्षेत्र, केंद्रीय क्षेत्र, दक्षिणी क्षेत्र, उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के मुखिया भी हैं। उप-महानिदेशक (जियो फिजिक्स) को चीफ को-आर्डिनेटर की जिम्मेदारी दी गई है।
यह है पोस्ट सीस्मिक सर्वे
जीएसआई, देहरादून यूनिट के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार इस संबंध में जीएसआई के कोलकाता स्थित मुख्यालय से एक पत्र सोमवार को जारी हो चुका है। जल्द ही नेपाल में भी पोस्ट सीस्मिक सर्वे किए जाने की योजना है।
नेपाल में आए भूकंप से वहां तो तीन हजार लोगों ने जान गंवाई ही है, अपने देश में बिहार, उत्तर प्रदेश के कई हिस्से प्रभावित हुए हैं। जान-माल का बड़ा नुकसान हुआ है।
किसी क्षेत्र में भूकंप आने के बाद किए जाने वाले सर्वेक्षण को पोस्ट सीस्मिक सर्वे कहा जाता है। इसके तहत प्रभावित क्षेत्र में भूकंप की वजह से पड़े असर, भविष्य पर पड़ सकने वाले प्रभाव का अध्ययन किया जाता है।