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विदेश राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह आज दून में, टॉक शो में दिए बच्चों को टिप्स

Fri, 06 Oct 2017 11:10 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 06 Oct 2017 11:10 AM IST
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general vk singh inaugurates military history seminar
vk singh - फोटो : aftab azmat/ amarujala, dehradun

पूर्व सेनाध्यक्ष और विदेश राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह शुक्रवार को देहरादू में स्कूल के बच्चों से टॉक शो में मुखातिब हुए। इस दौरान उन्होंने बच्चों के साथ अपने अनुभव शेयर किए और उन्हें भविष्य के लिए टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि नेताओं को भी मिलिट्री हिस्ट्री की जानकारी होनी चाहिए।

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इसके साथ ही देशभर के पूर्व फौजी अफसर शुक्रवार को देहरादून पहुंचे। यह सभी वेल्हम ब्वॉयज स्कूल में आयोजित हो रहे मिलिट्री हिस्ट्री सेमिनार में शिरकत करने के लिए दून पहुंचे हैं। शुक्रवार को वीके सिंह ने दो दिन के इसी सेमिनार का उद्घाटन किया और बच्चों से अपने अनुभव शेयर किए। 
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जनरल वीके सिंह ने कहा कि मानवता के विकास के साथ ही विभिन्न सभ्यताओं के द्वंद्व का भी दौर शुरू हुआ। विस्तारवाद की सोच शुरू से ही रही है। उन्होंनें कहा कि सैन्य इतिहास को जानना बहुत ही आवश्यक है। अन्यथा व्यक्ति यह नहीं जान सकता कि कब किन हालात में क्या हुआ। यदि आप सैन्य इतिहास में नहीं झांकेंगे तो गलतियां करते रहेंगे। यह आपको रणनीतिक रूप से भी मजबूत करेगी।

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जनरल सिंह ने माना कि भारतीय सेना में अफसरों की कमी है। उन्होंने कहा कि 10+2 के बाद फौज में करियर चुनने वालों की तादाद बहुत ज्यादा है। समस्या स्नातक के बाद शुरू होती है। क्योंकि तब किसी भी युवा के पास अधिक विकल्प मौजूद रहते हैं।

बारहवीं के बाद सेना में आने के इच्छुक युवाओं के अनुपात में हमारे पास प्रशिक्षण के सीमित संसाधन हैं। ऐसे में एक व्यवस्था यह बना सकते हैं कि छूटे युवाओं को विभिन्न शैक्षणिक संस्थान में भेजा जाए। साथ ही उन्हें मिलिट्री ट्रेनिंग दी जाए। स्नातक के बाद उन्हें एसएससी के माध्यम से सेना में शामिल किया जा सकता है। वह फौज में नहीं भी आएंगे तो बेहतर नागरिक बनेंगे।

वेल्हम ब्वायज के चेयरमैन दर्शन सिंह ने कहा कि भावी पीढी को देश के सैन्य इतिहास की जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज यदि हम युवाओं से 1962,1965 या 1971 युद्ध के बारे में बात करें तो वह बहुत कम जानते होंगे। उन्होंने कहा कि मजबूत अर्थव्यवस्था की ही तरह एक अच्छी सेना के लिए भी प्लानिंग की जरूरत है।


वेल्हम ब्वॉयज स्कूल की मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष दर्शन सिंह के मुताबिक हमारी युवा पीढ़ी को आज न तो पुराने युद्धों की जानकारी है और ना ही सेना के बलिदान और भूमिका का पता है। इसलिए उन्होंने यह प्रयास किया है कि स्कूली बच्चों के बीच सभी सेना अधिकारी पहुंचें जो अलग-अलग जंगों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं।

इस दो दिन के सेमिनार में देश के 29 स्कूलों के बच्चे भी शामिल होंगे। यहां दोकलम सीमा पर पैदा हुए तनाव, उसकी वजह और उसके हल पर मंथन होगा। इसके अलावा भारत-पाकिस्तान के बीच लगातार चल रहे सीजफायर उल्लंघन सहित सभी पहलुओं पर भी पूर्व फौजी अफसर रोशनी डालेंगे। देशभर से कुछ शोधार्थी मिलिट्री के इतिहास से जुड़े शोध भी प्रस्तुत करेंगे।


शाम को आपकी अदालत, बिग फाइट और हम लोग जैसे कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसमें पूर्व जीओसी इन सी वेस्टर्न कमांड जनरल केजे सिंह (रिट.) भी हिस्सा लेंगे। इसके अलावा वरिष्ठ पत्रकार बरखा दत्त, कैप्टन बाना सिंह, प्रमुख रक्षा विश्लेषक उदय भास्कर अपने विचार रखेंगे। आपकी अदालत के कटघरे में होंगे ले. जन. मोहिंदर पुरी और ब्रिगेडियर देवेंद्र सिंह। इसके अलावा मेजर जनरल राज मेहता सेमिनार के सिंडिकेट कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।

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