सीएम त्रिवेंद्र का एलान, उत्तराखंड में आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण जल्द
गुजरात सरकार के बाद अब उत्तराखंड सरकार ने भी सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मंगलवार को देहरादून में एक कार्यक्रम के दौरान इसका एलान किया।
उन्होंने कहा कि जल्द ही सामान्य वर्ग के गरीब लोगों को 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जाएगा। हालांकि केंद्र से प्रदेश सरकार को अभी संविधान संशोधन की अधिसूचना के संबंध में कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है।
इस बीच मुख्यमंत्री ने अपर मुख्य सचिव (कार्मिक) राधा रतूड़ी को विभागीय स्तर पर आरक्षण का प्रावधान करने की प्रक्रिया के बारे में कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों के क्रम में कार्मिक विभाग के अधिकारियों ने गुजरात सरकार के अधिकारियों से संपर्क किया है। उनका कहना है कि वहां भी अभी आरक्षण देने की घोषणा हुई है, लेकिन इस संबंध में कोई प्रक्रियात्मक कार्रवाई शुरू नहीं हुई है।
अध्यादेश ला सकती है सरकार
उत्तराखंड में सामान्य वर्ग को आर्थिक आधार पर 10 प्रतिशत आरक्षण का तत्काल लाभ देने के लिए सरकार अध्यादेश ला सकती है। विधायी मंत्री प्रकाश पंत के मुताबिक, ‘केंद्र में जब भी कोई संविधान संशोधन होता है तो प्रदेश सरकारें उनको अंगीकार करती है।
इसके लिए उन्हें विधानसभा में विधेयक लाना होता है।’ सूत्रों की मानें तो बजट सत्र में ये विधेयक लाया जा सकता है। इससे पहले सरकार इसे लागू करने के लिए अध्यादेश ले आएगी।
सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 प्रतिशत का आरक्षण ऐतिहासिक कदम है। उत्तराखंड में भी इसे लागू करने के लिए निर्देश दिए हैं। इसका परीक्षण कराया जा रहा है। यह कह सकते हैं कि उत्तराखंड में यह लागू हो गया है।
- त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड
उत्तराखंड में ये है आरक्षण की स्थिति
लंबवत (वर्टिकल)
वर्ग आरक्षण प्रतिशत
अनुसूचित जाति 19
अन्य पिछड़ा वर्ग 14
अनुसूचित जनजाति 4
कुल योग 37
आर्थिक आरक्षण के बाद
वर्ग आरक्षण प्रतिशत
अनुसूचित जाति 19
अन्य पिछड़ा वर्ग 14
अनुसूचित जनजाति 4
सामान्य श्रेणी 10
कुल योग 47
प्रदेश में क्षैतिज आरक्षण की स्थिति
महिला - 30
भूतपूर्व सैनिक - 05
स्वतंत्रता सेनानी - 02
विकलांग - 04
कुल योग : 41 प्रतिशत