रत्न करते हैं औषधियों जैसा काम, यहां पढ़िए कैसे होगा फायदा
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कई बातें ऐसी हैं जिन पर इंसान का नियंत्रण ही नहीं है। वह किसके अधीन है यह रहस्य है। प्रारब्ध के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। पुरुषार्थ और पूर्व जन्म के संस्कार गुंथी हुई बातें हैं।
मानस व व्यवहारगत मनोविज्ञान भी संस्कारों से जुड़ा है। सत्संग व अच्छे लोगों का साथ बेहद आवश्यक है। ज्योतिषशास्त्र समस्या को समझता है और समाधान बताता है। इसलिए रत्न विज्ञान भी ज्योतिषशास्त्र का हिस्सा मात्र है।
रत्न ज्योतिषाचार्य पंडित विनोद पोखरियाल का कहना है कि रत्न दवा की तरह काम करता है। इसका काम नकारात्मक शक्तियों को न्यूट्रालाइज करना और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करना। कुंडली और हस्तरेखा कांपलीमेंटरी हैं। ज्योतिशास्त्र कोई हवा-हवाई चीज तो है नहीं। यह अस्तित्व को अधिक सौहार्दपूर्ण कायम रखना चाहता है।
आज होगा ज्योतिषियों का सम्मान
अमर उजाला ज्योतिष महाकुंभ के दूसरे दिन सोमवार को अखिल भारतीय ज्योतिष परिषद के अध्यक्ष पंडित केए दुबे पद्मेश सहित देशभर से आए 108 ज्योतिषियों का सम्मान होगा। समारोह में शुरुआत का पहला सत्र केवल महिला ज्योतिषियों की परिचर्चा के नाम रहेगा।
सोमवार को होटल सैफ्रॉन लीफ में राज्यपाल डॉ. केके पाल समारोह में ज्योतिषियों को सम्मानित करेंगे। समारोह के पहले सत्र में महिला ज्योतिषी ‘स्वास्थ्य के क्षेत्र में भविष्य बताने वाली विधाएं कितनी कारगर’ विषय पर अपने विचार रखेंगी। द्वितीय सत्र में वित्त मंत्री प्रकाश पंत और शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक विशिष्ट अतिथि होंगे। कार्यक्रम के तीसरे और अंतिम सत्र के मुख्य अतिथि राज्यपाल डॉ. केके पाल होंगे।
इस सत्र में सम्मान समारोह के दौरान राज्यपाल ज्योतिष के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए एक वरिष्ठ ज्योतिषी को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित करेंगे। इसके अलावा चुनिंदा ज्योतिषियों के सम्मान के साथ ही कार्यक्रम का समापन होगा। इस बार भी सुपात्र ज्योतिषियों को ज्योतिष विभूषण, ज्योतिष भूषण और ज्योतिष श्री सम्मान प्रदान किया जाएगा। अवार्ड के लिए ज्योतिषियों का चयन आयोजक मंडल करेगा।