भगवान मद्महेश्वर और तुंगनाथ के कपाट खुलने की तिथि घोषित, इस दिन खुलेंगे कपाट
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पंचकेदार शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ और मार्केण्डेय मंदिर ऊखीमठ में विधि-विधान और पंचांग गणना के आधार पर दोनों धामों के कपाट खुलने की तिथि घोषित की गई।
द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर के कपाट आगामी 18 मई और तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के कपाट 5 मई को शुभ लग्न में खोले जाएंगे। छह माह तक भगवान की पूजा इन धामों में की जाएगी।
शुक्रवार को पंचकेदार गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर में प्रात: 8.30 बजे से पूजा-अर्चना शुरू की गई। प्रात: 9 बजे भगवान मद्महेश्वर की उत्सव डोली को गर्भगृह से सभामंडप में विराजमान किया गया।
इस मौके पर पुजारी शिव शंकर लिंग और टी-गंगाधर लिंग ने भगवान का श्रृंगार किया। इसके उपरांत आचार्य विश्वमोहन जमलोकी और आचार्य यशोधर प्रसाद मैठाणी ने पंचांग गणना के आधार पर द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर के कपाट खुलने की तिथि 18 मई तय की।
गणना के अनुसार 14 मई को ओंकारेश्वर मंदिर में भगवान मद्महेश्वर की उत्सव डोली को गर्भगृह से बाहर निकालकर सभामंडप में विराजमान किया जाएगा।15 मई को भगवान सभामंडप में ही विराजमान रहेगी।
इस दिन गर्भगृह से बाहर आएगी तुंगनाथ की डोली
इस मोके पर विशेष-पूजा होगी। जबकि 16 मई को द्वितीय केदार अपने धाम के लिए प्रस्थान कर विभिन्न पड़ावों से होते हुए 18 मई को अपने धाम पहुंचेगे। जहां पर कर्क लग्न में प्रात: 11 बजे भगवान मद्महेश्वर मंदिर के कपाट खोले जांएगे। अगले छह माह भक्त धाम में ही अपने भक्तों को दर्शन देंगे।
तिथि घोषित होने के मौके पर कार्यधिकारी अनिल शर्मा, युद्धवीर पुष्पवाण, शिव सिंह रावत, सतेश्वर प्रसाद सेमवाल, पुष्कर सिंह रावत, गिरीश देवली सहित हक-हकूकधारी पंच गौंडारी मौजूद थे।
दूसरी तरफ तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के शीतकालीन गद्दी स्थल मार्केण्डेय मंदिर में मठापति राम प्रसाद मैठाणी और प्रबंधक प्रकाश पुरोहित की मौजूदगी में आचार्य माहेश्वर प्रसाद मैठाणी, मुकेश मैठाणी और चंद्रबल्लभ मैठाणी ने पंचाग गणना कर कपाट खुलने की तिथि 5 मई तय की।
गणना के अनुसार भगवान तुंगनाथ की डोली 3 मई को गर्भगृह से बाहर आएगी और रात्रि प्रवास के लिए भूतनाथ मंदिर पहुंचेगी। यहां पर ग्रामीणों के द्वारा अराध्य को भोग लगाया जाएगा और पोणखी परंपरा का निर्वहन किया जाएगा।
4 मई को भगवान की चल उत्सव विग्रह डोली अपने धाम के लिए प्रस्थार कर 5 मई को प्रात: 10.15 बजे धाम पहुंचेगी। जहां मिथुन लग्न में मंदिर के कपाट खोले जाएंगे। अगले छह माह धाम में ही अराध्य की पूजा-अर्चना होगी।
डोली कार्यक्रम
द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर
14 मई को ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में गर्भगृह से बाहर निकलेगी डोली।
15 मई सभामंडप में विराजमान रहेंगे भगवान।
16 मई को ओंकारेश्वर मंदिर से प्रस्थान कर पहले पड़ाव रांसी गांव पहुंचेंगे।
17 मई रांसी गांव से प्रस्थान कर रात्रि प्रवास के लिए द्वितीय पड़ाव गौंडार गांव पहुंचेंगे।
18 मई को गौंडार गांव से धाम के लिए करेंगे प्रस्थान। प्रात: 11 बजे डोली के पहुंचने पर खुलेंगे मंदिर के कपाट।
तृतीय केदार तुंगनाथ
3 मई को मार्केण्डेय मंदिर मक्कूमठ में गर्भगृह से बाहर निकलेंगी भगवान तुंगनाथ की डोली इसी दिन रात्रि प्रवास के लिए भूतनाथ मंदिर में पहुंचेगी डोली।
4 मई को भूतनाथ मंदिर से धाम से के लिए प्रस्थान कर रात्रि प्रवास के लिए चोतपा पहुंचेगी डोली।
5 मई चोपता से प्रस्थान कर प्रात: 10 बजे तुंगनाथ मंदिर पहुंचेगी डोली। 10.15 बजे मिथुन लग्न में खुलेंगे कपाट।