उत्तराखंडः 'फॉरेन टूर' पर जाएंगे उद्यान विभाग के माली
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कई योजनाओं के प्रशिक्षण के लिए मंत्री और अफसर विदेश जाते रहते हैं। लेकिन अब उत्तराखंड उद्यान विभाग के माली भी फल की नर्सरी और उत्पादन के संबंध में प्रशिक्षण लेने के लिए विदेश जाएंगे।
जून माह में पांच माली, पांच सुपरवाइजर और दो जिला उद्यान अधिकारियों (डीएचओ) को प्रशिक्षण के लिए विदेश भेजा जाएगा। हालांकि दौरा किस देश का होगा, अभी यह तय नहीं है। इनके विदेश जाने का ऐलान सोमवार को उद्यान एवं कृषि मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कर दिया है।
उत्तराखंड तकनीकी कर्मचारी संघ, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अधिवेशन में उद्यान मंत्री हरक सिंह ने कहा कि पांच माली सहित 12 लोगों की टीम को विदेश भेजने के अलावा दस माली, दस सुपरवाइजर और चार जिला उद्यान अधिकारियों को देश में ही, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर एवं अन्य राज्यों में, जहां फलों का अच्छा उत्पादन होता हो, प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा। देश-विदेश से प्रशिक्षण लेने के बाद यह अधिकारी और कर्मचारी अन्य लोगों को सिखाएंगे कि किस तरह से फल एवं सब्जियों का अच्छा उत्पादन लिया जा सके।
एक पर आएगा पांच लाख से अधिक खर्च
कृषि मंत्री की घोषणा के बाद विभागीय अधिकारियों के बीच चर्चा शुरू हो गई है। दबी जुबान में उनका कहना है कि माली आठवीं पास होता है, वह वहां जाकर क्या सीखेगा।
विदेश में प्रशिक्षण के लिए जाने एवं उसके 10 से 15 दिन ठहरने पर पांच लाख रुपए से अधिक का खर्च आएगा। अधिकारियों का कहना है कि एक व्यक्ति पर इतना खर्च धन की बर्बादी होगी। वह भी उस समय, जब विभाग बजट की कमी से जूझ रहा है।
विदेशी दौरे का नहीं दिखता लाभ
प्रदेश में विभिन्न विभागों के अफसर और मंत्री योजनाओं की जानकारी के नाम पर विदेश जाते रहते हैं, लेकिन इसका कोई लाभ धरातल पर आज तक दिखाई नहीं दिया। प्रशिक्षण के नाम पर यह दौरा केवल सैर सपाटा ही साबित होता है। जबकि विदेश दौरों पर लाखों रुपए खर्च हो जाते हैं।