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मुन्ना बंजरंगी की हत्या के आरोपी कुख्यात सुनील राठी समेत तीन को दस-दस साल की जेल, ये था पूरा मामला

Wed, 31 Oct 2018 08:39 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, हरिद्वार Updated Wed, 31 Oct 2018 08:39 AM IST
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Gangstar sunil rathi and two other got 10 years imprisonment for many crime
sunil rathi - फोटो : amar ujala

तिहाड़ जेल में बंद मुन्ना बजरंगी की हत्या का आरोपी सुनील राठी को कोर्ट ने दस साल की सजा सुनाई है। इस समय दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। इस हत्याकांड के बाद सुनील राठी को बागपत जेल से तिहाड़ जेल शिफ्ट कर दिया था।

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वीण वाल्मीकि रुड़की के सफाई नायक बसंता हत्याकांड के आरोप में चमोली जेल में बंद है। गिरोह बनाकर अपराध करने के मामले में सुनवाई करते हुए गैंगस्टर एक्ट के विशेष न्यायाधीश वरुण कुमार ने कुख्यात सुनील राठी और उसके दो साथियों प्रवीण वाल्मीकि व मंगा त्यागी को दोषी पाते हुए दस-दस साल के कठोर कारावास और बीस-बीस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। साथ ही दो आरोपियों मोहित और सचिन तोमर को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।

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सचिन तोमर दोष मुक्त किया

विशेष अभियोजन अधिकारी संगीता ने बताया कि सिविल लाइंस कोतवाली रुड़की के प्रभारी निरीक्षक दिनेश सिंह भंडारी ने आठ अप्रैल 2010 में सुनील राठी पुत्र नरेश राठी निवासी ग्राम टिकरी थाना दोघट जिला बागपत और उसके साथियों प्रवीण वाल्मीकि पुत्र मोहनलाल उर्फ मदनलाल निवासी नई बस्ती कोतवाली गंगनहर, जिला हरिद्वार, मांगा त्यागी पुत्र रामकिशोर निवासी अधियाना थाना नकुड़ जिला सहारनपुर उत्तर प्रदेश, मोहित पुत्र महक सिंह निवासी रहमतपुर थाना भोपा जिला मुजफ्फरनगर, सचिन तोमर पुत्र रामकुमार निवासी तेजलहेड़ा थाना पुरकाजी जिला मुजफ्फरनगर के खिलाफ गैंगेस्टर का मुकदमा दर्ज कराया था।

दो नवंबर 2011 को स्पेशल जज गैंगस्टर एक्ट हरिद्वार की अदालत में गिरोह बंद और समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 1986 के तहत आरोप पत्र दाखिल किए गए। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से नौ गवाह पेश किए गए थे। दोनों पक्षों को सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट वरुण कुमार ने सुनील राठी, प्रवीण वाल्मीकि और मांगा त्यागी को दोषी पाते हुए दस- दस वर्ष के कठोर कारावास और बीस-बीस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।  मोहित पुत्र महक और सचिन तोमर पुत्र रामकुमार को साक्ष्य के अभाव में दोष मुक्त कर दिया ।

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