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गैंगरेप के 'ज्योतिषी' जेल में बिताएंगे बची हुई जिंदगी
अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 16 Oct 2013 11:05 AM IST
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राजधानी में तंत्र मंत्र से समस्याओं के समाधान के नाम पर युवती से सामूहिक बलात्कार करने वाले चार कथित ज्योतिषियों को अदालत ने मंगलवार आजीवन कारावास और पांच हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।
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विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट अमित कुमार सिरोही की अदालत में चारों पर शुक्रवार 11 अक्तूबर को आरोप साबित हो गए थे। चारों राजस्थान के झुंझनू के रहने वाले हैं।
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ज्योतिषयों के झांसे में आई युवती
हरिद्वार रोड पर पेट्रोल पंप के सामने गणेश ज्योतिष केंद्र चलाने वाले कथित ज्योतिषयों के झांसे में आई युवती से वर्ष 2005 में गैंग रेप हुआ था। युवती ने अदालत को बताया कि वे शारीरिक, मानसिक और पारिवारिक समस्या से परेशान थी।
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27 जून वर्ष 2005 के अखबार में विज्ञापन पढ़कर वह उक्त केंद्र के संपर्क में आई। केंद्र में उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया। पीड़िता ने अदालत में चारो दोषियों की पहचान की। उसने बताया कि बलात्कार से पहले मोतीलाल ने अन्य तीनों को बताया कि यह वही लड़की है जिसके यज्ञ के लिए उन्हें बुलाया गया है।
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किन धाराओं में कितने साल की हुई सजा
मोतीलाल, सुभाष कुमार, राजू उर्फ राज कुमार व मक्खन लाल को भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2)(g) (गैंग रेप) के अपराध के आरोप के लिए दोषी पाते हुए प्रत्येक को आजीवन कारावास व पांच हजार रुपये जुर्माना, धारा 120 बी (षडयंत्र) में प्रत्येक को दस साल की कैद एवं एक हजार रुपये जुर्माना, धारा 420 सपठित धारा 34 (एक राय होकर धोखाधड़ी) के अपराध के लिए दो साल के सश्रम कारावास व एक हजार रुपये जुर्माना एवं जादुई औषधि आपत्तिजनक उपचार विज्ञापन अधिनियम 1954 की धारा 5/7 के अपराध के लिए प्रत्येक को छह माह के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
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कागज में पानी के छीटे डालकर पढ़ा मैसेज
पीडिता ने अदालत को बताया कि मोतीलाल ने उसे ताबीज बनाकर दिया और कहा कि इससे समस्या का समाधान हो जाएगा, लेकिन उसे इस ताबीज से कोई फायदा नहीं हुआ। मोतीलाल ने कहा कि उसकी समस्या शायद बहुत जटिल है।
पूजा से उसकी समस्या का समाधान नहीं हो पाएगा। मोतीलाल ने एक कागज फोल्ड करके उसे दिया और कहा कि यदि समस्या जटिल है तो कागज में कुछ मैसेज आएगा।
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पर्चे को लेकर वे घर आई और अगले दिन ज्योतिष केंद्र में पहुंची। जहां मोतीलाल ने उससे पर्चा मांगा और फोल्ड पर्चे को खोलकर उस पर अपने हाथ से पानी के छीटे मारे, छीटे मारने पर पर्चे पर कुछ अक्षर दिखाई देने लगे। मोतीलाल ने उसे पढ़कर सुनाया कि एक यज्ञ करना होगा।
बाहर जाने के लिए विनती करती रह गई पीड़िता
पीड़िता ने अदालत को बताया कि मोती लाल ने उससे कहा कि तंत्र पूजा करनी होगी। तंत्र पूजा के बारे में पूछने पर मोतीलाल ने बताया कि इसमें शारीरिक संबंध बनाने पड़ते हैं।
पीड़िता ने कहा कि उसने इस तरह की पूजा से इनकार करते हुए कहा कि यह कैसी पूजा है जैसी पूजा होती है वैसी सिंपल पूजा कर दो। पीड़िता ने कहा कि उसने पूजा से इनकार किया और वे बाहर जाने लगी, लेकिन चारों उससे छेड़छाड़ करने लगे।
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उन्होंने बाहर का दरवाजा बंद किया हुआ था और वहां दरवाजे पर एक लड़के को बैठाया था। लड़के को चारों ने कहा था कि किसी को अंदर न आने दिया जाए। पीड़िता ने कहा कि चारों से बाहर जाने के लिए वे विनती करती रह गई, इसके बावजूद उसे बाहर नहीं जाने दिया और बारी-बारी से उसके साथ बलात्कार किया गया।
चेहरे पर नहीं दिखी कोई शिकन
सामूहिक बलात्कार के दोषियों को कोर्ट में 12 बजे पेश किया गया। अदालत में पेश किए जाने के बाद चारों घंटो फर्श पर बैठे रहे। अदालत ने दोपहर बाद अपना फैसला सुनाया, लेकिन आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के बावजूद चारों के चेहरे पर कोई शिकन नजर नहीं आई। दोषियों ने कहा कि वे सजा को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे।
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मीडिया कर्मियों को भी किया गुमराह करने का प्रयास
अदालत के फैसला सुनाए जाने के बाद मीडिया कर्मियों ने जब चारो दोषियों से उनके बारे में पूछा तो चारों ने मीडिया कर्मियों को भी गुमराह करने का प्रयास किया। मोतीलाल ने पहले कहा कि वे चारों सगे भाई हैं, लेकिन कुछ देर बाद कहा कि मक्खनलाल और वे सगे भाई हैं। जबकि दो अन्य उनकी मौसी के लड़के हैं। उन्होंने कहा कि वे ज्योतिष नहीं हैं, ज्योतिष कोई और थे, वे केवल यहां घूमने आए थे।
161 और 164 के बयानों में नहीं था कोई विरोधाभास
पीड़िता छात्रा थी और सहस्त्रधारा रोड पर किराए के भवन पर रहती थी। उसके द्वारा विवेचक को धारा 161 सीआरपीसी के अंतर्गत दिए गए बयान और मजिस्ट्रेट के समक्ष धारा 164 सीआरपीसी के बयान में परस्पर कोई विरोधाभाष नहीं था। जो चारो कथित ज्योतिषियों को सलाखों के पीछे ले आए।
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एक साथ चलेंगी सभी सजाएं
अदालत ने मोती लाल, सुभाष कुमार, राजू उर्फ राजकुमार व मक्खन लाल को एससीएसटी एक्ट की धारा के अपराध से दोषमुक्त कर दिया। जबकि गैंगरेप, षडयंत्र, एक राय होकर धोखाधड़ी एवं जादुई औषधि आपत्तिजनक उपचार विज्ञापन अधिनियम 1954 की धारा 5/7 के अपराध में अभियुक्तों की सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अदालत ने फैसला सुनाए जाने के बाद वारंट जारी करवाकर चारों को जेल भेज दिया।
चेहरा छुपाने लगे चारो
अदालत के फैसला सुनाए जाने के बाद चारों चेहरा छिपाने लगे, जैसे ही उन्हें कोर्ट से बाहर लाया गया, बलात्कार के चारों दोषी मीडिया से बचने लगे।