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बेटी की तरह होगी गंगा-यमुना की विदाई
ब्यूरो/अमर उजाला, उत्तरकाशी
Updated Sat, 18 Apr 2015 10:42 PM IST
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गंगोत्री-यमुनोत्री के कपाटोद्घाटन के साथ मां यमुना और गंगा की डोली विदाई की तैयारियां भी तेज हो गई। गंगा के मुखबा एवं यमुना के खरसाली मायकेवासी डोली विदाई की तैयारी में लगे हुए हैं। ग्रामीण बेटी की तरह डोली को मायके से विदा करेंगे। अब छह माह बाद गंगा-यमुना की डोली अपने मायके आएगी।
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गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया पर 21 अप्रैल को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खुल जाएंगे। कपाट खुलने में दो दिन का समय शेष रह गया है। मां गंगा की डोली अपने शीतकालीन प्रवास मुखबा गांव से सोमवार को रवाना होगी।
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मुखबा में चल रही तैयारी
गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने बताया कि गांव में डोली विदाई की तैयारी चल रही है। मुखबा में गंगा मंदिर को फूलों से सजाया जा रहा है। सोमवार सुबह गंगा की डोली को चिणा, फाफरा, आलू, राजमा का भोग लगाया जाएगा।
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इसके बाद आर्मी पाइप बैंड की धुन के साथ डोली गंगोत्री के लिए रवाना होगी। पहले दिन रात्रि विश्राम के लिए डोली भैरोंघाटी स्थित भैरव मंदिर में पहुंचेगी।
दूसरे दिन प्रात: यहां से गंगोत्री के लिए रवाना होगी और दस बजे गंगोत्री धाम पहुंचेगी। साढ़े बारह बजे मां गंगा की डोली की मौजूदगी में गंगोत्री धाम के कपाट खुलेंगे।
यमुना के मायके में भी उत्साह
उधर, मां यमुना के मायकेवासी खरसाली के ग्रामीण भी डोली विदाई की तैयारी में जुटे हैं। यमुनोत्री मंदिर समिति के सह सचिव मनमोहन उनियाल ने बताया कि यमुना की डोली कपाटोद्घाटन के दिन सुबह खरसाली से रवाना होगी। डोली को विदा करने लिए यमुना के चचेरे भाई समेश्वर की डोली भी ढोल-दमाऊं के साथ यमुनोत्री तक जाएगी।