हरिद्वार: गंगनहर के सैलाब ने गांवों में मचाई तबाही
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पूर्वी गंगनहर का किनारा टूटने से हरिद्वारके श्यामपुर कांगड़ी और गाजीवाली गांव में पानी घुसने से अफरातफरी मच गई। ग्रामीणों ने छत पर चढ़ कर जान बचाई। नजीबाबाद हाईवे भी सौ मीटर बह गया। इससे राजमार्ग पर आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई है। गांव में पानी भरा देख एक निजी स्कूल से घर लौट रही बच्ची बेहोश हो गई। देर शाम तक दोनों गांवों में तीन-तीन फीट तक पानी भरा हुआ था।
भीमगोड़ा बैराज से बिजनौर के लिए निकाली गई पूर्वी गंगनहर में बुधवार सुबह करीब दो हजार क्यूसेक पानी बह रहा था। सुबह पौने 11 बजे नहर का एक किनारा टूट गया और पानी नहर से दो सौ मीटर दूर नजीबाबाद राजमार्ग को पार करते हुए श्यामपुर कांगड़ी और गाजीवाली गांवों की दस हजार की आबादी में घुस गया।
इससे दोनों गांवों में अफरा-तफरी मच गई। अधिकतर लोग मकानों की छत पर चढ़ गए जबकि अन्य लोगों ने सुरक्षित जगह की ओर दौड़ लगाई। लेकिन किसी को सामान उठाने का समय नहीं मिला।
देखते-देखते पूरा क्षेत्र पानी से लबालब
करीब पौने घंटे में घर सहित पूरा क्षेत्र पानी से लबालब हो गया। सभी की फसलें डूब गई। करीब 40 मिनट के बाद सूचना मिलने पर यूपी सिंचाई विभाग ने गेट बंद कर गंगनहर का पानी बंद करवाया। लेकिन तब तक पानी के तेज बहाव से सौ मीटर राजमार्ग बह गया था।
दोनों गांव के बीच बने शासकीय इंटर कॉलेज और बैंक में सबसे ज्यादा पानी भरा हुआ है। डीएम एचसी सेमवाल, एसएसपी स्वीटी अग्रवाल, एसडीएम मनीष सिंह एवं मुहम्मद नासिर, तहसीलदार दिनेश मोहन उनियाल, विधायक स्वामी यतीश्वरानंद ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया।
विधायक यतीश्वरानंद ने नहर के कमजोर किनारे की अनदेखी पर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और यूपी सिंचाई विभाग से ग्रामीणों को एक सप्ताह के भीतर मुुआवजा देने की मांग की।
1200 बीघा फसल पानी में बरबाद
करीब 1200 बीघा फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। घरों में रखा सामान नष्ट हो गया है। कुछ मकानों में दरारें आने की सूचना भी है। आकलन करवाकर ग्रामीणों को उचित मुआवजा दिया जाएगा।
-हरिचंद्र सेमवाल, जिलाधिकारी
बालू-मिट्टी में चूहों आदि ने बिल बना दिए थे। इससे नहर का किनारा कमजोर हो गया था। पानी का ज्यादा रिसाव होने से सुबह नहर का किनारा टूट गया।
-पीके गौतम, सहायक अभियंता, सिंचाई विभाग