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खतरे के निशान से पार हुआ गंगा का जलस्तर, हरिद्वार में कभी भी बाढ़ से मच सकती है तबाही

Thu, 10 Aug 2017 11:18 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की Updated Thu, 10 Aug 2017 11:18 PM IST
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ganga Water level crossed danger mark in roorkee

बृहस्पतिवार को गंगा का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया, जिसके चलते जहां अधिकारियों की बेचैनी बढने लगी, वहीं ग्रामीणों को बाढ़ का खतरा सताने लगा।बृहस्पतिवार की सुबह  अचानक गंगा का जलस्तर बढने के कारण ग्रामीणों की धड़कनें बढने लगी।

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दोपहर तक यह जलस्तर बढ़कर 293.20 मीटर पहुंच गया, जबकि अधिकारियों के अनुसार 293 मीटर जलस्तर खतरे का निशान माना जाता है, हालांकि दोपहर बाद गंगा का जलस्तर घटने पर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। उपजिलाधिकारी लक्सरबथकौस्तुभ मिश्र ने बताया कि गंगा का जलस्तर बढ़ा था, लेकिन अब जलस्तर घट रहा है।
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लक्सर में गंगा के उफान में बृहस्पतिवार को लगभग एक किलोमीटर तटबंध ध्वस्त हो गया। इससे उत्तराखंड के एक दर्जन से अधिक गांवों पर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। वहीं यूपी के कुछ गांव भी खतरे की जद में आ गए हैं।  
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पहाड़ों में हो रही मूसलाधार बारिश से गंगा नदी का जलस्तर तीन दिन पहले उफान पर आ गया था, जिसकी वजह से रामसहायवाला गांव के समीप लगभग पांच सौ मीटर लंबा  तटबन्ध कट गया था। इसकी जानकारी मिलते ही तहसील प्रशासन और सिंचाई विभाग में हडकम्प मच गया था। 

एक हजार हेक्टेयर कृषि भूमि पूरी तरह जलमग्न

ganga Water level crossed danger mark in roorkee

इसके बाद अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर तटबन्ध की मरम्मत शुरू कराई थी। इसके बाद गंगा का जलस्तर भी कम हो गया था। जलस्तर के कम होने के चलते प्रशासन और सिंचाई विभाग ने राहत की सांस ली थी।

​इसके साथ ही तटबन्ध की मरम्मत का कार्य तेजी से शुरू कर दिया था, लेकिन तटबन्ध में कटाव लगातर जारी रहने से प्रशासन और सिंचाई विभाग की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है।

अब बृहस्पतिवार को अचानक गंगा नदी का जलस्तर बढ़ गया, जिसकी वजह से एक किलोमीटर लंबा तटबन्ध गंगा की गोद मे समा गया। तटबन्ध कटाव के चलते आसपास की एक हजार हेक्टेयर कृषि भूमि पूरी तरह जलमग्न हो चुकी है। वहीं गंगा नदी के बढ़ रहे जलस्तर के चलते यूपी के रामसहायवाला और हिम्मतपुर बेला गांव सहित उत्तराखंड के एक दर्जन से अधिक गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।  

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