हरकी पैड़ी पर गंगाजल पीने लायक नहीं
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उत्तराखंड सरकार ने कहा है कि हरिद्वार में गंगा का जल प्रदूषित है। लेकिन, गंगोत्री से लक्ष्मण झूला तक गंगा का पानी शुद्ध और पीने योग्य है।
सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे में उत्तराखंड सरकार ने कहा है कि गंगा नदी के जल का स्तर बनाए रखने का दायित्व राज्य प्रदूषण बोर्ड का है।
पिछले तीन वर्ष की रिपोर्ट के आधार पर कहा जा सकता है कि गंगोत्री से लक्ष्मण झूला तक गंगा नदी का जल उच्च स्तर का है। गंगोत्री तक पानी पीने योग्य है।
बस नहाने के लिए ठीक है गंगा का पानी
हरिद्वार में हर की पौड़ी और रुड़की में पानी की स्तर बी श्रेणी का है। यह पीने लायक नहीं है लेकिन इसमें डुबकी लगाई जा सकती है। यहां पानी नहाने के लिए ठीक है। पिछले कुछ वर्षों में यहां के पानी की क्वालिटी में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है।
गंगा नदी की सफाई को लेकर दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी थी।
सुप्रीम कोर्ट ने 16 अप्रैल और 5 मई के आदेश में पानी की गुणवत्ता और जलशोधन संयंत्रों की स्थिति पर उत्तराखंड सरकार से स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी।
गौरतलब है कि उत्तराखंड पेयजल निगम के परियोजना प्रबंधक वाईके मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे में कहा है कि एक नया जलशोधन संयंत्र लगाया जा रहा है। इसके बारे में इस साल दिसंबर में विस्तृत रिपोर्ट पेश की जाएगी।