फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Ganga Saptami 2021: only symbolic Ganga Snan will be held in Haridwar

गंगा अवतरण दिवस: हरिद्वार में घाटों पर हुआ सांकेतिक स्नान, हरकी पैड़ी पर पुलिस रही सतर्क

Tue, 18 May 2021 10:27 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 18 May 2021 10:27 AM IST
विज्ञापन
Ganga Saptami 2021: only symbolic Ganga Snan will be held in Haridwar
हरकी पैड़ी - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

हरकी पैड़ी पर सादगी के साथ पूजन कर मां गंगा का अवतरण दिवस मनाया गया। श्रीगंगा सभा के पदाधिकारी ने मां गंगा की पूजा अर्चना कर कोरोना महामारी से निजात दिलाने की प्रार्थना की। गंगा सप्तमी पर सांकेतिक स्नान हुआ। ब्रह्मकुंड पर स्नान के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया। कोविड एसओपी के पालन करवाने के लिए पुलिस तैनात रही।

विज्ञापन

 
मंगलवार को आचार्य अमित शास्त्री ने गंगा पूजन कराया। इसके बाद भोग लगाया और आरती कराई। श्रीगंगा सभा के अध्यक्ष प्रदीप झा, महामंत्री तन्मय वशिष्ठ, धड़ा फेरिहेडियान के महेश तुंबड़िया, मंत्री उमाशंकर वशिष्ट व अनिल कौशिक मौजूद रहे। सांकेतिक स्नान करने पहुंचे श्रद्धालुओं ने भी गंगा का पूजन किया। कोरोनाकाल में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या काफी कम रही। अस्थि विसर्जन के लिए घाटों पर भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने अस्थि विसर्जन के बाद डुबकी लगाई। 
विज्ञापन


जल संरक्षण समय की आवश्यकता: रविंद्रपुरी
मां मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष एवं श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी के सचिव श्रीमहंत श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने वर्चुअल संदेश में कहा कि जल संरक्षण को प्राथमिकता के आधार पर अपनाया जाना चाहिए। श्रीमहंत रविन्द्रपुरी ने श्रद्धालुओं को गंगा की पवित्रता, निर्मलता, अविरलता को अक्षुण्ण बनाएं रखने की शपथ लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु मां गंगा में किसी भी तरह की अनुपयोगी, दूषित, रासायनिक सामग्रियों का विसर्जन न करें। 
विज्ञापन
विज्ञापन


कोविड कर्फ्यू में घरों में गंगा पूजन किया
 गंगा सप्तमी पर गंगा पूजन और स्नान का विशेष महत्व है। कोविड कर्फ्यू के चलते अधिकतर लोग हरकी पैड़ी नहीं पहुंचे। लोगों ने घरों में ही मां गंगा का पूजन कर गंगाजल से स्नान किया।

आज के ही दिन शिव की जटाओं में आई थी गंगा 

भारतीय प्राच्य विद्या सोसाइटी के प्रतीक मिश्रपुरी ने बताया कि गंगा सप्तमी के दिन माता गंगा स्वर्ग लोक से भगवान आशुतोष की जटाओं में आई थी। यह मां गंगा का जन्म दिन कहा जाता है। सतयुग की इस घटना को करोड़ों वर्ष बीत गए हैं। परंतु मां गंगा का जन्म दिन हरिद्वार में विशेष रूप से तीर्थ पुरोहितों के साथ उनके अनुयायी करोड़ों वर्षों से मनाते चले आ रहे हैं।

गंगा सप्तमी के दिन सात फल, सात प्रकार की मिठाइयां, सात वस्त्र, सात रंगों से गंगा जी की पूजा करना फलदायी होता है। दूध, दही, शहद, मिश्री, घी से गंगा जी का अभिषेक कर नारियल गंगा जी में अर्पण करने से मनोकामना पूर्ण होती है। गंगा जी की पूजा हरकी पैड़ी, कुशा घाट, कनखल तीन तीर्थों पर की जा सकती है। पूजन  का समय एक बजे दोपहर से 2.30 दोपहर तक रहेगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed