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जानिए, कौन हैं 'जमनालाल बजाज पुरस्कार' पाने वाले मानसिंह

Thu, 03 Dec 2015 12:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 03 Dec 2015 12:12 AM IST
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gandhian mansingh rawat honored with jamnalal bajaj award.

पौड़ी जिले के कोटद्वार भाबर निवासी गांधीवादी और सर्वोदय सेवक वयोवृद्ध मानसिंह रावत को बजाज फाउंडेशन की ओर से देश के प्रसिद्ध सम्मान ‘जमनालाल बजाज पुरस्कार-2015’ से मुंबई में सम्मानित किया गया। उन्हें सम्मान स्वरूप प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिह्न और दस लाख रुपये दिए गए हैं।

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मंगलवार देर शाम मुंबई के नरीमन प्वाइंट स्थित जमशेद भामा थियेटर में आयोजित सम्मान समारोह में सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में मान सिंह रावत को यह सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि प्रसिद्ध इतिहासकार, जीवनी लेखक प्रो. राजमोहन गांधी और बजाज फाउंडेशन के अध्यक्ष राहुल बजाज ने प्रदान किया। उन्हें यह सम्मान जीवन पर्यंत समाज सेवा में तत्पर रहने और रचनात्मक कार्यों के लिए दिया गया।
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बजाज फाउंडेशन के अध्यक्ष राहुल बजाज ने सर्वोदय सेवक मान सिंह रावत द्वारा सामाजिक क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मान सिंह जैसे लोगों की बदौलत ही आज भारत की सादगी जिंदा है। थियेटर में मौजूद सैकड़ों लोगों ने करतल ध्वनि से मान सिंह रावत का स्वागत किया।

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88 साल की उम्र में पत्नी संग लड़ रहे नशे के खिलाफ जंग

gandhian mansingh rawat honored with jamnalal bajaj award.

वर्ष 1954 में विनोबा भावे के भूदान आंदोलन और इसके बाद जेपी आंदोलन में सक्रिय रहे मान सिंह रावत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी आदर्श रहे हैं। अपना पूरा जीवन उन्होंने नशामुक्ति और बोक्सा जनजाति के उद्धार में लगा दिया।

88 वर्ष की उम्र में भी वह उत्तराखंड में मद्यनिषेध लागू करवाने और नशामुक्ति के आंदोलन में सक्रिय हैं। उनके संघर्षों में उनकी धर्मपत्नी शशिप्रभा रावत भी दिनरात की साथी हैं।

गांधी जी की शिष्या सरला बहन के आश्रम से जुड़ी शशिप्रभा ने मानसिंह रावत की सामाजिक कार्यों में दिलचस्पी को देखते हुए उन्हें जीवन साथी चुना और तब से वे एकसाथ सर्वोदय और नशामुक्ति के कार्यक्रमों को आगे बढ़ा रहे हैं।

समाजसेवा में लगाएंगे पुरस्कार की राशि

gandhian mansingh rawat honored with jamnalal bajaj award.

वर्तमान में मानसिंह रावत अपने परिवार के साथ कोटद्वार भाबर के हल्दूखाता गांव में निवास कर रहे हैं। उम्र के इस पड़ाव में भी वह निरंतर बोक्सा जनजाति के स्कूल के संचालन के साथ ही सर्वोदय के कार्यों को देख रहे हैं।

उनके साथ मुंबई में शिक्षाविद् विनोद कुकरेती, सरोजनी कुकरेती, मयंक प्रकाश कोठारी, गढ़वाल भ्रातृ मंडल मुंबई के अध्यक्ष भगत सिंह बिष्ट, रमण मोहन कुकरेती, उनके पुत्र स्नेहदीप रावत, शील शौरभ रावत, डॉ. विक्रम शाह आदि मौजूद थे।  

सर्वोदय सेवक वयोवृद्ध मान सिंह रावत की सादगी ने थियेटर में बैठे दर्शकों पर अपनी अमिट छाप छोड़ी। लोगों ने उस समय खड़े होकर उनके लिए तालियां बजानी शुरू कर दीं जब मान सिंह ने अपने भाषण में उन्हें पुरस्कार के रूप में मिले 10 लाख रुपये समाज सेवा में लगाने की घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि उनका जीवन समाज के लिए समर्पित है, इसलिए यह पैसा भी समाज के काम आएगा।

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