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यहां मिलता है गांधी परिवार को 'गुरुमंत्र'
अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 19 Oct 2013 08:36 PM IST
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उत्तराखंड की राजधानी देहरादून का दून स्कूल अपनी स्कूलिंग के लिए दुनिया भर में ऐसे ही नहीं जाना जाता है। सालों से गांधी परिवार के बेटे इसी स्कूल में पढ़ते आ रहे हैं। यहां की एजुकेशन का लोहा केवल गांधी परिवार ही नहीं मानता, बल्कि देश की अन्य चर्चित हस्तियां भी यहीं से पढ़कर आज बड़े ओहदों पर काबिज हैं।
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गांधी परिवार के लिए दून स्कूल में पढ़ना एक परंपरा जैसा है, इस परंपरा की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने 1945 में की थी। आपको बता दें कि राजीव गांधी वेल्हम्स स्कूल में पढ़ना चाहते थे। लेकिन पं जवाहर लाल नेहरू चाहते थे कि राजीव गांधी और संजय गांधी दून स्कूल में पढ़ाई करें।
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राजीव गांधी के दून स्कूल में एडमिशन लेने के बाद संजय गांधी ने 1956 में दून स्कूल में एडमिशन लिया। यहीं से आईएससी एग्जाम पास करने के बाद राजीव गांधी ने इंग्लैंड में अपनी आगे की पढ़ाई की।
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संजय गांधी एक औसत छात्र थे
दून स्कूल में संजय गांधी एक औसत दर्जे के छात्र थे। कहा जाता है कि वो पढ़ाई को लेकर सीरियस नहीं थे। राजीव और संजय गांधी के नक्शे कदम पर चलकर वर्तमान में कांग्रेस पार्टी के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी दून स्कूल में एडमिशन लिया, लेकिन सुरक्षा कारणों के चलते 1981-83 तक राहुल को अपनी पढ़ाई घर से ही करनी पड़ी।
इसके बाद राहुल ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के रोलिंस कॉलेज फ्लोरिडा से 1994 में अपनी कला स्नातक की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद 1995 में कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के ट्रिनिटी कॉलेज से एम.फिल की डिग्री हासिल की।
कई सालों से चली आ रही दून स्कूल में एजूकेशन लेने की इस परंपरा में कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी की बेटी प्रियंका वढ़ेरा गांधी ने भी निभाई। दिसंबर 2012 में प्रियंका गांधी ने अपने बेटे रेहान का एडमिशन दून स्कूल में करवाया है।
इसके साथ ही प्रसिद्व निशानेबाल अभिवन बिंद्रा, लेखक और पीपली लाइव के को-डायरेक्टर महमूद फारुखी सहित कई अन्य बड़े पत्रकार, राजनीतिज्ञ, मंत्रियों, अभिनेता-अभिनेत्रियों ने दून स्कूल से स्कूलिंग की है।
एक नजर में दून स्कूल
स्थापनाः 10 सितंबर 1935
संस्थापकः सतीश रंजन दास
फैकल्टीः 70
कैंपसः 69 एकड़
फीसः
भारतीयों के लिए- 6,10,000
विदेशियों के लिए- 7,62,500