गैरसैंण का विकास तो होगा पर राजधानी अभी नहीं
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गैरसैंण राजधानी पर सरकार सत्र के दूसरे दिन भी अपना पक्ष स्पष्ट नहीं कर पाई। सत्र शुरू होने से पहले सीएम हरीश रावत ने पत्रकार वार्ता बुलाकर भाजपा को गैरसैंण के मुद्दे पर टारगेट कर सरकार को बेदाग साबित करने की कोशिश की। सीएम बोले भाजपा ने जनभावनाओं का अपमान किया है।
उन्होंने राजधानी के मुद्दे को किनारे पर रख गैरसैंण क्षेत्र के समुचित विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया। गैरसैंण के लिए सड़क मार्ग निर्माण अवस्थापना निगम के गठन के साथ एक हवाई पट्टी बनाने की घोषणा कर उन्होंने अपनी मंशा स्पष्ट कर दी।
विधानभवन के बाहर खुली धूप में आयोजित पत्रकार वार्ता में पहुंचे सीएम ने आते ही भाजपा को टारगेट पर लिया। सीएम ने कहा कि भाजपा लगातार तीन बार गैरसैंण में आयोजित विधानसभा सत्र में इस तरह का प्रपंच रच चुकी है। प्रत्येक सत्र को चलने नहीं दिया गया। भाजपा की सत्र को लेकर गंभीरता इसी बात से साफ होती है कि उनके आधे विधायक गैरसैंण पहुंचे ही नहीं।
गैरसैंण पर निश्चित रोडमैप पर हो रहा काम
पहले दिन जब सदन का गैरसैंण के मुद्दे पर बहिष्कार किया उनके सात सदस्य सदन में थे। उन्होंने कहा कि जिस नियम के तहत भाजपा गैरसैंण पर चर्चा कर आम राय बनाने की मांग कर रही थी वह सरकार के खिलाफ सेंसर है। कोई भी सरकार ऐसे प्रस्ताव पर चर्चा नहीं करवाती।
कुल मिलाकर भाजपा गैरसैंण से भागना चाहती थी। यह उनकी हिट एंड रन की प्रवृति को दर्शाता है। आरोप थोप दो और भाग जाओ। सीएम ने स्पष्ट किया कि गैरसैंण को लेकर सरकार एक निश्चित रोडमैप पर काम कर रही है। बहुत सारे काम हो चुके हैं कुछ काम और होने हैं।
सीएम बोले कि इसी के लिए बजट मांगने सरकार गैरसैंण आई है। गैरसैंण को लेकर एक प्रस्ताव सदन में लाऊंगा। बस इतना कहना चाहूंगा कि कोई भी संगठन या दल जो गरैसैंण का हितैषी है, वह कोई ऐसा कदम न उठाए जिससे राज्य की जनभावनाओं को ठेस न पहुंचे। केवल नारे पर राजधानी का निर्माण नहीं होता।