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‘E’ गर्वनेंस पुरानी बात, ‘M’ गवर्नेंस की ओर बढ़ा उत्तराखंड
अरुणेश पठानिया/अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 13 Jun 2015 12:49 PM IST
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उत्तराखंड सूचना प्रौद्योगिकी की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ई गवर्नेंस के सिद्धांत को अब एम (मोबाइल) गवर्नेंस की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है। गांवों तक 100 एमबीपीएस की स्पीड का ब्राडबैंड पहुंच रहा है।
हरिद्वार का पंजनहेड़ी गांव उत्तर भारत का पहला डिजिटल गांव बन गया है। इसके साथ ही हरिद्वार के घाटों से लेकर मुख्य पर्यटन स्थलों में वाई फाई जोन विकसित करने की अब तैयारी है। 6 गांव पर एक कामन सर्विस सेंटर से आनलाइन प्रमाण पत्र मिल रहे हैं।
जिला मुख्यालय से जुड़ रहे गांव
‘ई गवर्नेंस से एम गवर्नेंस की ओर’ के थीम पर 27 जून को आयोजित हो रही ई उत्तराखंड कार्यशाला में सभी राज्यों और केंद्र से अधिकारी और विशेषज्ञों आ रहे हैं। बीते एक साल से प्रदेश के गांवों को सीधा जिला मुख्यालय से ऑप्टिकल फाइबर के माध्यम से जोड़ने का कार्य चल रहा है।
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राज्य अपना डाटा सेंटर भवन भी बना चुका है, जिससे अब सुरक्षित डाटा बैंक बनाया जा सकता है। स्टेट एरिया वाइड नेटवर्क (स्वान) का जाल पूरे प्रदेश में बिछ चुका है, जिससे कुछ विभाग तो जुड़ गए हैं, लेकिन अभी बहुत से जुड़ने बाकी हैं।
95 ब्लॉक होंगे इंटरनेट से लैस
ई डिस्ट्रक्ट योजना हाल ही में राज्य सरकार ने प्रदेश में शुरू की है, लेकिन उसका विस्तारीकरण होना बाकी है। अगले चार से पांच वर्ष में प्रदेश के 95 ब्लाकों के गांव ऑप्टिकल फाइबर से जुड़ जाएंगे।
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हरिद्वार का पंजनहेड़ी गांव उत्तर भारत का पहला डिजिटल गांव बन गया है। इसके साथ ही हरिद्वार के घाटों से लेकर मुख्य पर्यटन स्थलों में वाई फाई जोन विकसित करने की अब तैयारी है। 6 गांव पर एक कामन सर्विस सेंटर से आनलाइन प्रमाण पत्र मिल रहे हैं।
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जिला मुख्यालय से जुड़ रहे गांव
‘ई गवर्नेंस से एम गवर्नेंस की ओर’ के थीम पर 27 जून को आयोजित हो रही ई उत्तराखंड कार्यशाला में सभी राज्यों और केंद्र से अधिकारी और विशेषज्ञों आ रहे हैं। बीते एक साल से प्रदेश के गांवों को सीधा जिला मुख्यालय से ऑप्टिकल फाइबर के माध्यम से जोड़ने का कार्य चल रहा है।
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राज्य अपना डाटा सेंटर भवन भी बना चुका है, जिससे अब सुरक्षित डाटा बैंक बनाया जा सकता है। स्टेट एरिया वाइड नेटवर्क (स्वान) का जाल पूरे प्रदेश में बिछ चुका है, जिससे कुछ विभाग तो जुड़ गए हैं, लेकिन अभी बहुत से जुड़ने बाकी हैं।
95 ब्लॉक होंगे इंटरनेट से लैस
ई डिस्ट्रक्ट योजना हाल ही में राज्य सरकार ने प्रदेश में शुरू की है, लेकिन उसका विस्तारीकरण होना बाकी है। अगले चार से पांच वर्ष में प्रदेश के 95 ब्लाकों के गांव ऑप्टिकल फाइबर से जुड़ जाएंगे।