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स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मोहन अधिकारी नहीं रहे
ब्यूरो / अमर उजाला, रामनगर (नैनीताल)
Updated Mon, 18 Jan 2016 10:28 AM IST
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स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और उत्तराखंड स्वतंत्रता सेनानी एवं उत्तराधिकारी संगठन के अध्यक्ष मोहन सिंह अधिकारी का रविवार को दिल्ली एम्स में निधन हो गया।
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वह 88 वर्ष के थे। उनका पार्थिव शरीर देर रात उनके आवास हिम्मतपुर पहुंचा। सोमवार सुबह राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के निधन की खबर पर उनके आवास पर लोगे एकत्र हो गए।
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स्व. अधिकारी नौ वर्ष की उम्र में स्वतंत्रता आंदोलन में कूद गए थे। खुमाड़ (सल्ट) के आंदोलन में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। उनके पिता स्व. लक्ष्मण सिंह अधिकारी भी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। स्वतंत्रता सेनानी अधिकारी के निधन पर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी शोक जताया है।
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स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अधिकारी लंबे समय से बीमार चल रहे थे। परिजन उन्हें इलाज के लिए पहले बरेली ले गये थे मगर उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद परिजन उन्हें 13 जनवरी को दिल्ली स्थित एम्स में ले गए थे, जहां रविवार दोपहर 2 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
रामनगर शमशान घाट पर सोमवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। स्व. अधिकारी अपने पीछे पत्नी माधवी देवी, पुत्र आनंद सिंह, भारत सिंह, भूपाल सिंह व पुत्री शशी को छोड़ गये हैं। मोहन सिंह अधिकारी मूल रूप से अल्मोड़ा के सल्ट ब्लॉक निवासी थे। वर्ष 1960 में उनका परिवार हिम्मतपुर ब्लॉक में आ गया था।
उत्तराखंड स्वतंत्रता सेनानी एवं उत्तराधिकारी संगठन के उपाध्यक्ष ललित पंत ने बताया कि मोहन सिंह अधिकारी नौ साल की उम्र में अपने पिता से जेल में मुलाकात करने गये । जेल के भीतर ही हाथ में भारत का झंडा लेकर हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए थे। इसके बाद भारत के इस महान सपूत ने देश को आजाद कराने में उत्तराखंड के खुमाड़ से लेकर दिल्ली तक संघर्ष किया।