तीन माह में केवल दो श्रद्धालु पहुंचे बदरीधाम!
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एक आंकड़े के मुताबिक तीन माह में केवल दो श्रद्वालु बदरीनाथ पहुंचे हैं। चौंक गए न, लेकिन यह बिल्कुल सच है।
जी, हां राज्य सरकार की उत्तराखंड के वरिष्ठ नागरिकों को किसी एक धाम की निशुल्क यात्रा कराने की योजना परवान नहीं चढ़ पाई।
इसके संचालन की जिम्मेदारी संभाल रहे विभाग की मानें तो योजना के तहत तीन माह में महज दो लोग की बदरीनाथ के दर्शन कर पाए हैं।
सरकारी स्तर पर यात्रा का मोह छोड़ रहे श्रद्धालु
इन दो लोगों को अभी तक किराए का भुगतान नहीं किया गया है, प्रोसेस चल रही है। आवेदन की जटिल प्रक्रिया के चलते श्रद्धालु सरकारी स्तर पर यात्रा का मोह छोड़ रहे हैं।
आपदा के बाद उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति ठीक है, यह संदेश दुनिया तक पहुंचाने के लिए सीएम हरीश रावत ने स्थानीय वृद्ध श्रद्धालुओं को सरकारी किराए पर किसी एक धाम की यात्रा कराने की घोषणा की थी।
जिसे परिवहन विभाग की ओर से धामों के कपाट खुलने के साथ ही शुरू कर दिया गया था।
श्रद्धालुओं का रुझान इस ओर कम
मगर प्रचार-प्रसार के अभाव और आवेदन की कठिन प्रक्रिया के चलते श्रद्धालुओं का रुझान इस ओर कम ही देखा जा रहा है।
योजना का हश्र देखिए कि अभी तक केवल दो बुजुर्ग श्रद्धालु ही निशुल्क यात्रा से लाभान्वित हुए हैं।
अधिकारी की सुनिए
यात्रा करने वाले दो श्रद्धालुओं का किराया देने के लिए प्रक्रिया चल रही है। निशुल्क यात्रा के लिए विभाग की ओर से पूरा प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
- शैलेश तिवारी, एआरटीओ, ऋषिकेश
चारधाम यात्री मायूस, तीर्थनगरी में डाला डेरा
चारधाम यात्रा के लिए बायोमेट्रिक पंजीकरण सोमवार को भी बंद रहे। जिससे धामों के दर्शन के लिए पहुंच रहे यात्री मायूस हैं।
श्रद्धालु तीर्थनगरी ऋषिकेश में रुककर यात्रा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। भारी बरसात के कारण मार्ग अवरुद्ध होने से इन दिनों चारों धामों की यात्रा स्थगित की गई है।
पर्वतीय क्षेत्रों में स्थिति सामान्य होने तक त्रिलोक सिक्योरिटी सिस्टम कंपनी ने भी यात्रियों के पंजीकरण बंद कर रखे हैं।