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शिक्षकों के जाति प्रमाण पत्रों में सामने आया फर्जीवाड़ा

Sat, 18 Nov 2017 08:05 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 18 Nov 2017 08:05 AM IST
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fraud in uttarakhand teacher caste certificate
Fraud

उत्तराखंड में अब शिक्षकों के जाति प्रमाण पत्रों में फर्जीवाड़ा सामने आया है। शिक्षा विभाग में अमान्य प्रमाण पत्रों से नियुक्तियों के मामले में एसआईटी को शिक्षकों के प्रमाण पत्रों के साथ अब जाति प्रमाण पत्रों की जांच में भी फर्जीवाड़ा मिल रहा है।

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सूत्रों की मानें हरिद्वार के कई शिक्षकों के जाति प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए हैं। एक ही नंबर पर दो-दो लोगों को प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। एसआईटी की टीम कई दिन से तहसील के दस्तावेजों की जांच पड़ताल में जुटी है।
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सूत्रों का दावा है कि यदि पूरी गहनता से जांच की गई तो जाति प्रमाण पत्रों का बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हो सकता है। शासन के आदेश पर बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच में जुटी एसआईटी अमान्य प्रमाण पत्रों के कई मामलों को उजागर कर चुकी है। तीन मामलों में मुकदमा दर्ज करने के साथ अन्य में विभागीय कार्रवाई प्रचलित है।

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एसआईटी कर रहा जाति प्रमाण पत्रों का सत्यापन

fraud in uttarakhand teacher caste certificate
FRAUD SHIMLA
एसआईटी जांच में शैक्षिक प्रमाण पत्रों के साथ अब जाति प्रमाण पत्रों में गोलमाल सामने आ रहा है। एसआईटी जाति प्रमाण पत्रों के सत्यापन की कार्रवाई भी कर रही है।

एक मामले में जाति प्रमाण पत्र की ओके की रिपोर्ट आ गई, लेकिन शिकायतकर्ता ने साक्ष्य प्रस्तुत किए तो रिपोर्ट सवालों के घेरे में आ गई। सूत्रों का कहना है कि एसआईटी प्रभारी और अपर पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अपनी टीम को सत्यापन के लिए हरिद्वार भेज दिया। सरकारी पत्रावलियों की जांच पड़ताल की तो फर्जीवाड़ा उजागर हुआ।

सूत्रों की मानें तो प्राथमिक जांच में जिस तरह के तथ्य सामने आ रहे हैं, उससे भविष्य में जाति प्रमाण पत्रों की जांच को अलग से एसआईटी गठित होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। हालांकि एसआईटी प्रभारी श्वेता चौबे का कहना है कि जाति प्रमाण पत्रों की जांच विचाराधीन है, अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा।

 
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