IMA में भर्ती के लिए बटलर ने लिए लाखों
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देहरादून के भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में सिविल स्टाफ की भर्तियों में फर्जीवाड़े के एक ताजा प्रकरण में सीबीआई ने मुकदमा दर्ज किया है।
2013 में हुई भर्तियों में अकादमी के एक बटलर ने भर्ती करवाने के नाम पर लाखों रुपये उगाहे हैं। अकादमी ने आरोपी बटलर को कोर्ट ऑफ इंक्वायरी में दोषी पाए जाने के बाद मामला सीबीआई को सौंपा है।
इससे पहले जनवरी में लगभग पौने तीन सौ पदों की भर्तियों में सीबीआई ने तीन सैन्य अफसरों सहित दो दर्जन लोगों के खिलाफ दो मुकदमे दर्ज हैं, जिनपर जांच लगभग पूरी हो चुकी है।
लाखों रुपये वसूले
अकादमी में अगस्त 2013 में हुई सिविल स्टाफ की भर्तियों के दौरान संस्थान के एक बटलर सुरेश ने नौकरी दिलवाने के नाम पर कई अभ्यर्थियों से लाखों रुपये वसूले थे।
आईएमए प्रशासन को जब इसकी भनक लगी तो उन्होंने आरोपी के खिलाफ कोर्ट आफ इंक्वायरी के आदेश दिए।
जांच में आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलने के बाद अकादमी ने यह मामला सीबीआई को सौंप दिया। सीबीआई ने मामले में पर्याप्त तथ्य मिलने के बाद एफआईआर दर्ज कर ली है।
उधर, अकादमी ने कोर्ट आफ इन्क्वायरी रिपोर्ट के आधार पर कर्मचारी की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। सामने आए नए प्रकरण में अकादमी के अन्य कर्मचारियों की मिलीभगत की संभावनाओं पर सीबीआई जांच में जुट गई है।
दो मामलों की चल रही है जांच
आईएमए में दो बरस पहले हुई ग्रुप सी और डी की 283 पदों पर भर्तियों में सीबीआई ने जनवरी में दो एफआईआर दर्ज की हैं।
सीबीआई तीन सैन्य अधिकारी, आईएमए चयन बोर्ड सहित 30 अभ्यर्थियों के खिलाफ आईपीसी की 120 बी, 420, 467, 468, 471 धारा के तहत जांच कर रही है।
सीबीआई के हाथ कई कई अहम दस्तावेज लगे हैं, जिसमें भर्ती के लिए इस्तेमाल किये शैक्षणिक, अनुभव दस्तावेजों का बड़ा फर्जीवाड़ा खुला है। जांच एजेंसी जल्द मामले में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है।